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प्रत्यभिज्ञा — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

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अंतिम लक्ष्य

तंत्र साधना का अंतिम लक्ष्य क्या है?

तंत्र का अंतिम लक्ष्य: महानिर्वाण — 'मोक्ष ही परम श्रेय।' तंत्रालोक: 'शिवः सोऽहम्' — ब्रह्मांडीय चेतना से एकता। प्रत्यभिज्ञा: 'मैं शिव को ढूंढ रहा था — वह मैं ही था।' कुलार्णव: सिद्धियाँ मार्ग, लक्ष्य नहीं।

अंतिम लक्ष्यमोक्षशिव एकता
आत्मज्ञान

तंत्र साधना से आत्मज्ञान कैसे मिलता है?

तंत्र से आत्मज्ञान: प्रत्यभिज्ञा — 'मैं पहले से ही शिव हूँ।' 'सोऽहम्' श्वास में। कुंडलिनी सहस्रार = शिव-शक्ति मिलन। द्वैत विसर्जन। विज्ञान भैरव: 'यह तो मैं ही हूँ!' कुलार्णव: 'शिवभावेन पूजयेत्।'

आत्मज्ञानप्रत्यभिज्ञाशिव

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।