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प्रसाद ग्रहण — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

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मंदिर

मंदिर में प्रसाद ग्रहण कैसे करें?

प्रसाद ग्रहण विधि: दाहिने हाथ से (मनुस्मृति)। पहले माथे पर लगाएँ, फिर खाएँ (आज्ञाचक्र से ग्रहण)। 'भगवान का प्रसाद' — यह भाव रखें (विष्णु पुराण)। खड़े/बैठकर ग्रहण, चलते-चलते नहीं। जूठा न करें। चरणामृत: सिर पर, फिर पियें। तुलसी-दल और भस्म भी ग्रहण करें।

मंदिरप्रसाद ग्रहणविधि
पूजा विधि

पूजा के बाद प्रसाद कैसे ग्रहण करें?

प्रसाद ग्रहण: दाएं हाथ से, बैठकर, सिर पर लगाएं फिर खाएं। भूमि पर न गिरने दें, अस्वीकार न करें। चरणामृत हथेली में लेकर पीएं। वितरण में सबको समान — कोई वंचित न हो।

प्रसाद ग्रहणविधिनियम

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।