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यंत्र पूजा — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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पूजा विधि

पूजा घर में स्फटिक श्री यंत्र कैसे स्थापित करें

स्फटिक श्री यंत्र शुभ मुहूर्त (दीपावली/नवरात्रि/शुक्रवार) पर स्थापित करें। गंगाजल-पंचामृत से स्नान → ईशान कोण में लाल/पीले कपड़े पर स्थापना → श्री सूक्त पाठ → 'ॐ श्रीं नमः' 108 बार जप। नित्य दीपक-धूप अनिवार्य। प्राण प्रतिष्ठा गुरु/पंडित से कराएं।

स्फटिकश्री यंत्रस्थापना
पूजा विधि

पूजा घर में श्री यंत्र और कुबेर यंत्र एक साथ रख सकते हैं क्या

हाँ, श्री यंत्र और कुबेर यंत्र एक साथ रखे जा सकते हैं — इनमें कोई शास्त्रीय विरोध नहीं है। श्री यंत्र को ऊँचे या केंद्रीय स्थान पर रखें, कुबेर यंत्र उत्तर दिशा में। दोनों की प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अनिवार्य है।

श्री यंत्रकुबेर यंत्रयंत्र पूजा
तंत्र साधना

यंत्र की पूजा मूर्ति पूजा से कैसे भिन्न होती है?

मूर्ति = देवता का साकार स्थूल रूप (भक्ति-प्रधान)। यंत्र = देवता का ज्यामितीय सूक्ष्म रूप (शक्ति-प्रधान)। शारदातिलक: 'मूर्ति = शरीर, यंत्र = आत्मा'। यंत्र-मंत्र-देवता = एक सत्ता के तीन रूप। यंत्र = ऊर्जा केन्द्र। दोनों मिलकर = पूर्ण उपासना। तांत्रिक साधक → यंत्र प्राथमिक।

यंत्र पूजामूर्ति पूजाश्रीयंत्र
साधना विधि

तंत्र साधना घर पर कैसे करें?

घर पर दक्षिणाचार (सात्विक) तंत्र करें — श्रीयंत्र पूजन, नवार्ण मंत्र जप, बीज मंत्र साधना और देवी षोडशोपचार पूजन। स्फटिक श्रीयंत्र घर के ईशान कोण में स्थापित करें। श्मशान साधना और पंचमकार अनुष्ठान घर पर न करें।

घर पर तंत्रदक्षिणाचारयंत्र पूजा

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।