ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

वाक् आम्भृणी प्रश्नोत्तरी — 2 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित वाक् आम्भृणी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

मंत्र विज्ञान

देवी सूक्तम् का क्या महत्व है?

देवी सूक्तम् = ऋग्वेद (10.125), वाक् आम्भृणी द्वारा रचित। दुर्गा सप्तशती के पाठ के आरंभ/अंत में पढ़ा जाता है। देवी के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक। फल: मानसिक तनाव दूर, नकारात्मक ऊर्जा नाश, आध्यात्मिक उन्नति।

देवी सूक्तम्ऋग्वेदवाक् आम्भृणी
वैदिक साहित्य में माँ दुर्गा

ऋग्वेद के 'देवी सूक्तम्' में क्या कहा गया है?

ऋग्वेद (10.125) — 'देवी सूक्तम्' या 'वाक् आम्भृणी सूक्त': महर्षि अम्भृण की पुत्री वाक् ऋषिका ने आत्म-साक्षात्कार में घोषणा की: 'मैं ही ब्रह्मांड की शासिका, वसु-रुद्र-आदित्यों को धारण करने वाली हूँ।' ब्रह्मांड की मूल ऊर्जा चेतनामय स्त्री-तत्त्व है।

देवी सूक्तम्ऋग्वेदवाक् आम्भृणी

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।