हवन विधिसंतान गोपाल हवन कैसे करवाएं?संतान गोपाल हवन: पति-पत्नी साथ → गणेश पूजन → 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द...' 1,25,000 जप → पीपल समिधा-दूध-खीर हवन → दशांश आहुति → पूर्णाहुति → गोदान। पुत्रदा एकादशी व्रत। चिकित्सा+आध्यात्मिक दोनों।#संतान गोपाल#संतान प्राप्ति#गोपाल हवन
गीता अध्ययनभगवद गीता का पाठ कैसे करें?गीता का पाठ प्रातःकाल स्नान के पश्चात, शांत मन से, श्रद्धापूर्वक करना चाहिए। पहले महात्म्य पढ़ें, फिर श्लोकों का अर्थ समझते हुए क्रमशः अध्याय 1 से 18 तक पाठ करें और ज्ञान को जीवन में उतारें।#गीता पाठ#विधि#नियम
मंत्र एवं साधनागोपाल मंत्र की सिद्धि कैसे होती है?गोपाल मंत्र की सिद्धि के लिए एक लाख जप पूर्ण करने का विधान है। स्फटिक या रुद्राक्ष माला से ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार और एकाग्रता के साथ जप करें। जप पूर्ण होने पर दशांश हवन और ब्राह्मण भोजन का विधान है।#गोपाल मंत्र#संतान गोपाल#मंत्र सिद्धि
पूजा विधानराधा कृष्ण युगल पूजा कैसे करें?राधाजी को श्रीकृष्ण की बाईं ओर स्थापित करें। पंचामृत स्नान, मिलते-जुलते वस्त्र, गुलाब-तुलसी, माखन-मिश्री-पेड़े का भोग। 'ॐ राधा-कृष्णाभ्यां नमः' या 'राधे कृष्णा' जप करें। एकादशी और राधाष्टमी पर विशेष पूजा करें।#राधा कृष्ण#युगल पूजा#निम्बार्क
अस्त्र शस्त्रनारायणास्त्र से कैसे बचते हैं?नारायणास्त्र से बचने के लिए सभी शस्त्र त्यागकर, मन से युद्ध-विचार छोड़कर, हाथ जोड़कर आत्मसमर्पण करें। यह अस्त्र केवल प्रतिरोध करने वाले पर वार करता है।#नारायणास्त्र से बचाव#आत्मसमर्पण#निहत्था