दिव्यास्त्रअर्जुन ने संशप्तकों के विरुद्ध वायव्यास्त्र क्यों चलाया?संशप्तकों ने अर्जुन को चारों ओर से घेरकर इतनी बाण वर्षा की कि कृष्ण भी अर्जुन को देख नहीं पा रहे थे। इस संकट से निकलने के लिए अर्जुन ने वायव्यास्त्र चलाया।#अर्जुन#संशप्तक#वायव्यास्त्र
देव कथाकृष्ण को मक्खन प्रिय क्यों — आध्यात्मिक अर्थ?दूध मथो=मक्खन(सार)। साधना=हृदय मंथन→भक्ति=मक्खन। शुद्ध+कोमल हृदय=कृष्ण निवास। चोरी=बिना माँगे हृदय चुराते। 'मक्खन नहीं, प्रेम चाहिए'—कृष्ण।#कृष्ण#मक्खन#माखन
दिव्यास्त्रघटोत्कच के मरने पर कृष्ण ने आनंद से नृत्य क्यों किया?कृष्ण इसलिए आनंदित थे क्योंकि घटोत्कच ने वासवी शक्ति को अर्जुन से दूर करा दिया। अब कर्ण के पास अर्जुन को मारने का सबसे बड़ा हथियार नहीं था और पांडवों की जीत सुनिश्चित हो गई।#कृष्ण#घटोत्कच#नृत्य
दिव्यास्त्रघटोत्कच कौन था और उसे युद्ध में क्यों उतारा गया?घटोत्कच भीम और राक्षसी हिडिम्बा का अर्ध-राक्षस पुत्र था। कृष्ण ने उसे चौदहवें दिन रात को इसलिए उतारा ताकि कर्ण वासवी शक्ति उस पर चला दे और अर्जुन बच जाए।#घटोत्कच#भीम#हिडिम्बा
अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया गया?राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को 100 अपराध क्षमा करने का वचन दिया था — वह पूरा होने पर सुदर्शन चक्र से वध किया।#शिशुपाल वध#सुदर्शन चक्र#कृष्ण
कृष्ण भक्तिकृष्ण नाम जप के लिए तुलसी माला क्यों प्रयोग करते हैं?पद्म पुराण: तुलसी = वृन्दा, विष्णु को सर्वाधिक प्रिय। 'बिना तुलसी पूजा अपूर्ण।' शुद्धता, विशेष ऊर्जा, गौड़ीय: कंठी = शरणागति। स्कंद पुराण: 'तुलसी माला = मंत्र सिद्धि।' कृष्ण/विष्णु = तुलसी। शिव = रुद्राक्ष। गणेश = तुलसी वर्जित।#तुलसी#माला#कृष्ण
देव कथाकृष्ण को 56 भोग क्यों लगाते?इंद्र वर्षा 7 दिन→कृष्ण गोवर्धन उठाया→56 प्रहर(7×8) भूखे। 56 प्रहर=56 भोग(प्रत्येक प्रहर 1 व्यंजन)। अन्नकूट=गोवर्धन पूजा। 56=त्याग का प्रतिदान।#कृष्ण#56 भोग#गोवर्धन
दिव्यास्त्रपरशुराम ने कृष्ण को सुदर्शन चक्र क्यों दियापरशुराम ने कृष्ण को सुदर्शन इसलिए दिया क्योंकि श्रीकृष्ण विष्णु के पूर्ण अवतार थे और यह चक्र मूलतः विष्णु का ही था। द्वापर में अधर्म-नाश के लिए इस चक्र का सही उत्तराधिकारी कृष्ण थे।#सुदर्शन चक्र#परशुराम#कृष्ण
दिव्यास्त्रपौंड्रक वासुदेव को सुदर्शन चक्र से क्यों मारा गया?पौंड्रक ने खुद को असली कृष्ण बताकर नकली सुदर्शन चक्र धारण कर लोगों को भ्रमित किया। तब श्रीकृष्ण ने असली सुदर्शन चक्र से उसका वध करके उसके पाखंड का अंत किया।#पौंड्रक#सुदर्शन चक्र#श्रीकृष्ण
दिव्यास्त्रअर्जुन ने खांडव वन दहन में आग्नेयास्त्र का प्रयोग क्यों किया?अग्नि देव को तृप्त करने के लिए अर्जुन ने श्रीकृष्ण के साथ खांडव वन दहन में आग्नेयास्त्र का प्रयोग किया था।#अर्जुन#आग्नेयास्त्र#खांडव वन
देव कथाकृष्ण मोर पंख मुकुट क्यों पहनते?कथा: मोर नाचे(बांसुरी)→पंख अर्पित→कृष्ण मुकुट धारण। पंख=ज्ञान नेत्र(Eye)। मोर=प्रेम(वर्षा नृत्य)। सोना नहीं=प्रकृति पंख=सादगी। प्रेम अर्पित=कृष्ण मुकुट पर।#कृष्ण#मोर पंख#मुकुट
श्रीमद्भागवतकृष्ण को पूर्णकाम क्यों कहा जाता है?कृष्ण को पूर्णकाम कहा जाता है क्योंकि वे अपने आप में सदा पूर्ण हैं और किसी बाहरी वस्तु से उनकी कोई कमी पूरी नहीं होती।#पूर्णकाम कृष्ण#कृष्ण अर्थ#आत्माराम
श्रीमद्भागवतकृष्ण को आत्माराम क्यों कहा जाता है?कृष्ण को आत्माराम कहा जाता है क्योंकि वे अपने आत्मस्वरूप में ही पूर्ण आनंद और संतोष रखने वाले हैं; उन्हें बाहरी वस्तुओं से पूर्णता नहीं मिलती।#आत्माराम कृष्ण#कृष्ण अर्थ#भक्ति
श्रीमद्भागवतकृष्ण की द्वारका इतनी सुंदर क्यों थी?कृष्ण की द्वारका सुंदर थी क्योंकि वह यादव वीरों से सुरक्षित, ऋतु-वैभव से संपन्न, उद्यानों, सरोवरों, सजावट और मंगल-चिह्नों से भरी थी।#कृष्ण की द्वारका#द्वारका नगरी#द्वारकापुरी
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने पंचजन्य शंख क्यों बजाया?कृष्ण ने पंचजन्य शंख इसलिए बजाया कि द्वारका के लोग उनके आने का संकेत पाएं और उनका विरह-दुख शांत हो।#पंचजन्य#कृष्ण#द्वारका वापसी
श्रीमद्भागवतराजसूय यज्ञ में कृष्ण की पूजा क्यों हुई?राजसूय यज्ञ में कृष्ण की पूजा इसलिए हुई क्योंकि भीष्म उन्हें सबके आत्मा प्रभु और सबसे पहले पूजने योग्य मानते हैं।#राजसूय यज्ञ#कृष्ण पूजा#युधिष्ठिर
श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह ने कृष्ण को भगवान क्यों माना?भीष्म ने कृष्ण को भगवान इसलिए माना क्योंकि वे साक्षात नारायण, सबके आदिकारण, सर्वात्मा और अनन्य भक्तों पर कृपा करने वाले परमात्मा हैं।#भीष्म#कृष्ण भगवान#नारायण
श्रीमद्भागवतभीष्म ने कृष्ण को पार्थसारथी क्यों याद किया?भीष्म ने कृष्ण को पार्थसारथी इसलिए याद किया क्योंकि कृष्ण ने अर्जुन के सारथी बनकर रथ चलाया, गीता सुनाई और भक्तवत्सल रूप दिखाया।#पार्थसारथी#कृष्ण#अर्जुन
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने रथ का पहिया क्यों उठाया?कृष्ण ने रथ का पहिया भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य करने और अपनी भक्तवत्सलता प्रकट करने के लिए उठाया।#कृष्ण रथ का पहिया#भीष्म#अर्जुन
श्रीमद्भागवतकृष्ण ने भीष्म के लिए प्रतिज्ञा क्यों तोड़ी?कृष्ण ने भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य और ऊँचा करने के लिए अपनी शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा तोड़ी।#कृष्ण प्रतिज्ञा#भीष्म#महाभारत युद्ध
श्रीमद्भागवतभीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन क्यों मिले?भीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन इसलिए मिले क्योंकि कृष्ण अपने अनन्य प्रेमी भक्तों पर कृपा करते हैं।#भीष्म#कृष्ण दर्शन#भक्ति
श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह ने उत्तरायण में प्राण क्यों छोड़े?उत्तरायण वह समय बताया गया है जिसे भगवत्परायण योगी चाहते हैं; उसी समय भीष्म ने मन कृष्ण में लगाकर प्राण त्यागे।#भीष्म उत्तरायण#प्राण त्याग#योगी
श्रीमद्भागवतकुंती ने कृष्ण से मोह छुड़ाने की प्रार्थना क्यों की?कुंती ने यदुवंशियों और पांडवों के प्रति मजबूत ममता को काटने और अपनी बुद्धि को गंगा की धारा की तरह कृष्ण में लगाने की प्रार्थना की।#कुंती#मोह#कृष्ण भक्ति
श्रीमद्भागवतकुंती ने कृष्ण से विपत्ति क्यों मांगी?कुंती ने विपत्ति इसलिए मांगी क्योंकि विपत्तियों में कृष्ण का दर्शन होता है, और कृष्ण-दर्शन के बाद जन्म-मृत्यु के चक्र में नहीं आना पड़ता।#कुंती#विपत्ति#कृष्ण दर्शन
श्रीमद्भागवतयुधिष्ठिर ने कृष्ण को क्यों रोका?युधिष्ठिर ने कृष्ण को प्रेम से रोका, क्योंकि वे अपने भाई-बंधुओं की मृत्यु के भारी शोक से मुक्त नहीं हो पा रहे थे।#युधिष्ठिर#कृष्ण#महाभारत युद्ध
श्रीमद्भागवतकृष्ण द्वारका क्यों लौटना चाहते थे?राज्य-संबंधी कार्य पूरे होने के बाद कृष्ण ने द्वारका जाने का विचार किया; उनके भीतर का अलग कारण विस्तार से नहीं बताया गया।#कृष्ण#द्वारका#पांडव
श्रीमद्भागवतयुधिष्ठिर ने अश्वमेध यज्ञ क्यों किए?कृष्ण ने युधिष्ठिर से तीन अश्वमेध यज्ञ कराए, जिससे उनका पवित्र यश इंद्र के यश की तरह सब ओर फैल गया।#युधिष्ठिर#अश्वमेध यज्ञ#कृष्ण
श्रीमद्भागवतब्राह्मण को मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?अश्वत्थामा गुरु-पुत्र और ब्राह्मण था; इसलिए शारीरिक वध के स्थान पर मणि छीनना, सिर मूँड़ना और निकाल देना दंड माना गया।#ब्राह्मण दंड#अश्वत्थामा#द्रौपदी
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा की मणि क्यों निकाली गई?अश्वत्थामा की मणि दंड के रूप में निकाली गई, जिससे उसका तेज छिन गया और अर्जुन की प्रतिज्ञा भी पूरी हुई।#अश्वत्थामा मणि#अश्वत्थामा दंड#अर्जुन
श्रीमद्भागवतअश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र वापस क्यों नहीं ले पाया?श्रीमद्भागवत के अनुसार अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र तो चला दिया, लेकिन उसे लौटाने की विधि वह नहीं जानता था।#अश्वत्थामा#ब्रह्मास्त्र#कृष्ण
श्रीमद्भागवतकलियुग में भागवत को सूर्य क्यों कहा गया है?कृष्ण के धाम जाने पर जब कलियुग में लोग अज्ञान-अंधकार से अंधे हो रहे थे, तब भागवत पुराण सूर्य के समान प्रकट हुआ।#कलियुग#भागवत सूर्य#अज्ञान
श्रीमद्भागवतकृष्ण को स्वयं भगवान क्यों कहा गया है?कहा गया है कि अन्य अवतार अंश या कला हैं, पर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं भगवान हैं।#कृष्ण#स्वयं भगवान#अंशावतार
श्रीमद्भागवतकृष्ण और बलराम की लीलाएँ अद्भुत क्यों कही गईं?क्योंकि कृष्ण ने बलराम के साथ ऐसे कर्म और पराक्रम प्रकट किए जिन्हें मनुष्य नहीं कर सकते।#कृष्ण#बलराम#लीला
श्रीमद्भागवतकृष्ण कथा सुनने की इच्छा क्यों बढ़ती है?क्योंकि भगवान का यश कलियुग के पापों को हरता है और रसिक श्रोताओं को उनकी लीला में पद-पद पर नया रस मिलता है।#कृष्ण कथा#हरि कथा#भगवत लीला
श्रीमद्भागवतभगवान का अवतार क्यों होता है?भगवान का अवतार जीवों के परम कल्याण और भगवत प्रेममयी समृद्धि के लिये बताया गया है।#भगवान अवतार#हरि कथा#कृष्ण
श्रीमद्भागवतभगवान कृष्ण देवकी और वसुदेव के यहाँ क्यों आए?ऋषि सूतजी से कृष्ण के देवकी-वसुदेव से जन्म का प्रयोजन पूछते हैं और कहते हैं कि भगवान का अवतार जीवों के कल्याण के लिये होता है।#कृष्ण अवतार#देवकी#वसुदेव
श्रीमद्भागवतभक्ति क्यों जरूरी है?कलियुग में भक्ति को मोक्षदायिनी, कृष्ण को वश में करने वाली और भय दूर करने वाली कहा गया है।#भक्ति#मोक्ष#कृष्ण
लोककृष्ण ने दन्तवक्र को क्यों मारा?दन्तवक्र प्रतिशोध में कृष्ण से युद्ध करने आया था, इसलिए कृष्ण ने उसका वध किया।#कृष्ण#दन्तवक्र#गदा युद्ध
लोकशिशुपाल की आत्मा कृष्ण में क्यों मिली?शिशुपाल जय का अंतिम श्रापित जन्म था, इसलिए मृत्यु पर उसकी ज्योति कृष्ण में समाई।#शिशुपाल#कृष्ण#मुक्ति
लोककृष्ण ने शिशुपाल को क्यों मारा?शिशुपाल ने सौ अपराधों की सीमा पार की, इसलिए कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।#कृष्ण#शिशुपाल#सुदर्शन चक्र
लोकशिशुपाल कृष्ण से क्यों नफरत करता था?शिशुपाल जय का शत्रु जन्म था, इसलिए वह कृष्ण से तीव्र द्वेष रखता था।#शिशुपाल#कृष्ण#द्वेष
लोकगरीब का दान बड़ा क्यों माना जाता है?अभाव में दिया गया दान सबसे अधिक निस्वार्थ माना गया है।#दान#गरीब#माधव
लोकमाधव के घर लक्ष्मी जी क्यों ठहरीं?वे दंड से आईं, लेकिन माधव के प्रेम और सम्मान से प्रसन्न होकर ठहरीं।#माधव#लक्ष्मी#घर
लोकलक्ष्मी जी माधव के घर क्यों रहीं?वे अपने कर्म के प्रायश्चित के लिए माधव के घर रहीं।#लक्ष्मी#माधव#तीन वर्ष
लोकलक्ष्मी जी दयालु लोगों पर क्यों खुश होती हैं?दयालुता और बाँटने का भाव लक्ष्मी-कृपा का आधार है।#लक्ष्मी जी#दयालुता#माधव
लोकलक्ष्मी जी नौकरानी क्यों बनीं?वे दंड के कारण माधव के घर रहीं, लेकिन माधव ने उन्हें बेटी माना, नौकरानी नहीं।#लक्ष्मी जी#नौकरानी कथा#माधव
लोकसामान्य आँखों से विश्वरूप क्यों नहीं दिखता?क्योंकि विश्वरूप भौतिक दृष्टि से परे है।#विश्वरूप#दृष्टि#कृष्ण
पितृ पक्षआश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया क्यों खास है?आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया खास है क्योंकि यह पितृ पक्ष यानी महालय का दूसरा दिन है। इस दिन पार्वण श्राद्ध से तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है, और विश्वेदेव स्थापित होते हैं। स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन श्राद्ध करने से शिव प्रसन्न होते हैं और कैलास धाम मिलता है। याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार सुयोग्य दामाद और पशु-धन की प्राप्ति होती है।#आश्विन द्वितीया#महालय#पितृ पक्ष
मरणोपरांत आत्मा यात्रानारायण बलि कृष्ण मंदिर में क्यों किया जा सकता है?कृष्ण मंदिर नारायण बलि के लिए बताए गए पवित्र स्थानों में शामिल है।#नारायण बलि#कृष्ण मंदिर#पवित्र स्थान
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्वगोपियों ने माँ कात्यायनी की पूजा क्यों की थी?गोपियों ने माँ कात्यायनी की पूजा क्यों: श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए। वर्तमान विश्वास: माँ कात्यायनी आज भी ब्रज भूमि में गोपियों का कल्याण करती हैं। सच्चे मन से पुकारने वाली कन्या को योग्य जीवनसाथी का वरदान।#गोपियाँ#श्रीकृष्ण#वृंदावन