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विस्तृत उत्तर
पौंड्रक नामक एक अहंकारी राजा स्वयं को ही वास्तविक वासुदेव (भगवान कृष्ण) घोषित करने लगा और भगवान कृष्ण के समान वेश-भूषा, आयुध जैसे नकली सुदर्शन चक्र और शंख धारण कर लोगों को भ्रमित करने लगा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से उसका वध कर उसके पाखंड का अंत किया। यह प्रसंग घोर अहंकार, पाखंड और ईश्वरीय सत्ता को चुनौती देने के विनाशकारी दुष्परिणाम को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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