मंदिर ज्ञानमंदिर में 56 भोग क्या होता है और कब लगता है?7 दिन × 8 पहर = 56। जन्माष्टमी/अन्नकूट। जगन्नाथ = प्रतिदिन। भक्त/सूप/प्रलेह/फेणिका/सुधाकुंडलिका। सरल: माखन-मिश्री।#56 भोग#छप्पन#कृष्ण
लोकलक्ष्मी जी का असली रूप कब प्रकट हुआ?तीन वर्ष पूरे होने पर लक्ष्मी जी ने माधव को अपना दिव्य रूप दिखाया।#लक्ष्मी रूप#दिव्य दर्शन#माधव
लोककृष्ण सप्तमी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण सप्तमी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की सप्तमी को करें।#कृष्ण सप्तमी मृत्यु#सप्तमी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोककृष्ण चतुर्थी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को करें।#कृष्ण चतुर्थी मृत्यु#चतुर्थी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोककृष्ण प्रतिपदा मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की प्रतिपदा को करें।#कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु#प्रतिपदा श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोककृष्ण तृतीया मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?कृष्ण तृतीया मृत्यु का श्राद्ध भी पितृ पक्ष की तृतीया को होता है।#कृष्ण तृतीया मृत्यु#तृतीया श्राद्ध#मृत्यु तिथि
तिथि श्राद्धकृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध कब होता है?कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध मुख्यतः पितृ पक्ष यानी आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया को सम्पन्न होता है। यह दिन प्रतिपदा के बाद आता है। पितृ पक्ष की कृष्ण द्वितीया पर पार्वण श्राद्ध होता है, जिसमें तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है। किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मरे पितर का वार्षिक एकोद्दिष्ट श्राद्ध भी उसी कृष्ण द्वितीया को होता है।#कृष्ण पक्ष द्वितीया#महालय श्राद्ध#पितृ पक्ष
कृष्ण भक्तिकृष्ण गायत्री मंत्र का जप कब करना चाहिए?'ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्'। कब: प्रातः, जन्माष्टमी, एकादशी, कार्तिक। तुलसी माला, पीले वस्त्र, 108। गोपाल तापनी: 'कृष्ण = परब्रह्म'।#कृष्ण गायत्री#मंत्र#भक्ति