विस्तृत उत्तर
संतान गोपाल हवन संतान प्राप्ति की कामना पूर्ति और संतान सम्बंधी दोषों के निवारण के लिए किया जाने वाला विशेष अनुष्ठान है।
संतान गोपाल हवन विधि
1. शुभ मुहूर्त: पंचमी तिथि, पुष्य नक्षत्र, गुरुवार, या ज्योतिषी द्वारा निर्धारित शुभ समय।
2. संकल्प: पति-पत्नी दोनों मिलकर संतान प्राप्ति का संकल्प लें।
3. गणेश पूजन: विघ्न निवारण हेतु सर्वप्रथम गणेश पूजा।
4. कलश स्थापना: वरुण देव का आह्वान।
1संतान गोपाल मंत्र जप
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
इस मंत्र का 1,25,000 जप (सवा लाख) का विधान है।
6. हवन सामग्री: पीपल की समिधा, घी, शहद, दूध, पलाश पुष्प, श्वेत तिल, चावल, खीर।
7. हवन: दशांश आहुतियाँ (12,500) मंत्र सहित। प्रत्येक आहुति 'स्वाहा' के साथ।
8. पूर्णाहुति: नारियल, श्वेत वस्त्र, खीर, फल सहित पूर्णाहुति।
9. संतान गोपाल स्तोत्र पाठ: हवन के साथ संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ।
10. दान: गाय दान (सर्वश्रेष्ठ), वस्त्र दान, अन्न दान, ब्राह्मण भोज।
अतिरिक्त उपाय: बाँकेबिहारी (वृन्दावन), गोकुलनाथ, या कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा। पुत्रदा एकादशी व्रत।
विशेष: यह हवन पति-पत्नी दोनों को मिलकर करवाना चाहिए। अनुभवी पुरोहित से ही करवाएँ। चिकित्सकीय परामर्श के साथ-साथ आध्यात्मिक उपाय करना उचित है।





