सायं हवन के मंत्र कौन से हैं का सबसे सीधा सार यह है: सायं हवन के मंत्र: 1. 'ॐ अग्निर्ज्योतिर्ज्योतिरग्निः स्वाहा', 2. 'ॐ अग्निर्वर्चो ज्योतिर्वर्चः स्वाहा', 3. 'ॐ अग्निर्ज्योतिर्ज्योतिरग्निः स्वाहा' (मौन), 4. 'ॐ सजूर्देवेन सवित्र सजू रात्र्येन्द्रवत्या। जुषाणो अग्निर्वेतु स्वाहा।'
हवन विधि जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•हवन विधि श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।