विस्तृत उत्तर
हवन में अंगस्पर्श के समय निम्नलिखित अंगों का स्पर्श किया जाता है, साथ में उनके मंत्र:
— ॐ वाङ्म आस्येऽस्तु — मेरे मुख में सत्य बोलने की वाणी हो (मुख का स्पर्श)
— ॐ नसोर्मे प्राणोऽस्तु — मेरी नासिका में प्राणशक्ति दृढ़ हो (नासिका का स्पर्श)
— ॐ अक्ष्णोर्मे चक्षुरस्तु — मेरी आँखों में शुभ देखने की ज्योति हो (नेत्रों का स्पर्श)
— ॐ कर्णयोर्मे श्रोत्रमस्तु — मेरे कानों में कल्याणकारी श्रवण शक्ति हो (कानों का स्पर्श)
— ॐ बाह्वोर्मे बलमस्तु — मेरी भुजाओं में सत्कर्म करने का बल हो (भुजाओं का स्पर्श)
— ॐ ऊर्वोर्म ओजोऽस्तु — मेरी जंघाओं में ओज और स्थिरता हो (जंघाओं का स्पर्श)
— ॐ अरिष्टानि मे अङ्गानि तनूस्तन्वा मे सह सन्तु — मेरा संपूर्ण शरीर और उसके सभी अंग रोगरहित और शक्ति-संपन्न हों (यह बोलकर संपूर्ण शरीर पर जल छिड़कना)।





