ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
प्रश्न प्रकार

राहु कैसे सम्बन्धित प्रश्न(11)

राहु कैसे पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 11 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।

राहु कैसे (11)राहु कौन (5)
राहु कैसे पर पूछे गए प्रश्न
  1. राहु मंत्र का जप राहु दोष शांति के लिए कैसे करें?
  2. कीर्तिमुख की उत्पत्ति कैसे हुई?
  3. राहु केतु कैसे बने?
  4. राहु ने अमृत कैसे पी लिया?
  5. राहु और केतु अमर कैसे हो गए?
ज्योतिष

राहु मंत्र का जप राहु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18,000। सरल: 'ॐ रां राहवे नमः' 108 नित्य। शनिवार/बुधवार रात्रि, काले वस्त्र, गोमेद/रुद्राक्ष माला, सरसों दीपक। 40 दिन। दुर्गा सप्तशती भी प्रभावी। ज्योतिषी परामर्श।

#राहु#मंत्र#दोष
लोक

कीर्तिमुख की उत्पत्ति कैसे हुई?

कीर्तिमुख शिव के क्रोध से राहु को दंड देने के लिए प्रकट हुआ।

#कीर्तिमुख उत्पत्ति#शिव#राहु
लोक

राहु केतु कैसे बने?

स्वर्भानु का सिर राहु और धड़ केतु बना, क्योंकि अमृत पीने के बाद विष्णु ने उसे काट दिया।

#राहु केतु#स्वर्भानु#सुदर्शन चक्र
लोक

राहु ने अमृत कैसे पी लिया?

स्वर्भानु असुर देवता का वेश बनाकर बैठा और अमृत पी लिया, जिससे राहु बना।

#राहु#अमृत#मोहिनी
नवग्रहों का देव स्वरूप

राहु और केतु अमर कैसे हो गए?

स्वरभानु असुर ने अमृत पान किया था — विष्णु के सुदर्शन चक्र से सिर-धड़ अलग होने पर भी अमृत के प्रभाव से सिर (राहु) और धड़ (केतु) दोनों अमर हो गए।

#राहु केतु अमर#अमृत प्रभाव#सुदर्शन चक्र
नवग्रहों का देव स्वरूप

राहु और केतु की उत्पत्ति कैसे हुई?

समुद्र मंथन में स्वरभानु असुर ने देव वेष में अमृत पान किया — सूर्य-चंद्र ने रहस्य उजागर किया, विष्णु के सुदर्शन चक्र से सिर (राहु) और धड़ (केतु) अलग हुए और अमृत के कारण दोनों अमर हो नवग्रह बने।

#राहु केतु उत्पत्ति#स्वरभानु#समुद्र मंथन
ग्रह दोष निवारण

राहु महादशा में बटुक भैरव की उपासना कैसे करें?

राहु महादशा में कालाष्टमी पर भैरव के सामने दीपक जलाकर 'ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय...' मंत्र जपें। यह राहु दोष में गागर में सागर जैसा प्रभावी है।

#राहु महादशा#बटुक भैरव#ग्रह दोष
ग्रह दोष निवारण

कालसर्प दोष के लिए बटुक भैरव साधना कैसे करें?

कालसर्प दोष के लिए कालाष्टमी पर भैरव के सामने दीपक जलाकर मंत्र जपें: 'ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा।'

#कालसर्प दोष#राहु#केतु
ज्योतिष दोष एवं उपाय

राहु केतु दोष से कैसे बचें

राहु: दुर्गा पूजा, 'ॐ रां राहवे नमः', गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष। केतु: गणेश पूजा, 'ॐ कें केतवे नमः', लहसुनिया, 9 मुखी। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय + हनुमान + शिव।

#राहु#केतु#दोष
ग्रह दोष शांति

राहु दोष निवारण पूजा कैसे करवाएं?

राहु शांति: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18000 जप → दूर्वा समिधा से हवन → नाग पूजा → दान (काला वस्त्र, सरसों, उड़द, नारियल) → दुर्गा सप्तशती पाठ → राहुकाल में नारियल जल-प्रवाह। सर्प दोष हेतु नागबलि।

#राहु दोष#राहु शांति#राहु काल
शिव पूजा

शिव की पूजा में राहु केतु दोष निवारण कैसे करें?

राहु: महामृत्युंजय सवा लाख जप+हवन, शिवलिंग पर काले तिल, काल भैरव पूजा। केतु: कुश से जलाभिषेक, गणेश पूजा, सप्तधान्य अर्पण। दोनों: रुद्राभिषेक, प्रदोष व्रत, 8/9 मुखी रुद्राक्ष, काल सर्प दोष हेतु त्र्यम्बकेश्वर/महाकाल पूजा। ज्योतिषी से कुंडली परामर्श उचित।

#राहु केतु#ग्रह दोष#निवारण
अन्य विषय
सभी प्रश्न देखें

हिंदू देवी-देवताओं के विषय में सभी कब, क्यों, कैसे, कौन प्रश्न।

राहु टैग
राहु पर सम्पूर्ण संग्रह

सभी राहु सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।