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प्रश्न प्रकार

चंद्र क्यों सम्बन्धित प्रश्न(11)

चंद्र क्यों पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 11 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  चंद्र को चन्द्र, चंद्रमा, सोम के रूप में भी जाना जाता है।

चंद्र क्यों (11)चंद्र कैसे (15)चंद्र कौन (4)
चंद्र क्यों पर पूछे गए प्रश्न
  1. राहु सूर्य और चंद्र को क्यों ग्रसता है?
  2. सूर्य और चंद्र ने राहु को क्यों पहचान लिया?
  3. पाताल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?
  4. महातल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?
  5. रसातल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?
लोक

राहु सूर्य और चंद्र को क्यों ग्रसता है?

सूर्य और चंद्र ने राहु का छल पकड़वाया था, इसलिए राहु ग्रहण के समय उन्हें ग्रसता है।

#राहु ग्रहण#सूर्य चंद्र#केतु
लोक

सूर्य और चंद्र ने राहु को क्यों पहचान लिया?

सूर्य और चंद्र ने देवताओं की पंक्ति में बैठे स्वर्भानु असुर को पहचानकर विष्णु को संकेत दिया।

#सूर्य चंद्र#राहु#अमृत
लोक

पाताल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?

पाताल लोक पृथ्वी के नीचे अधोलोकों में स्थित है, इसलिए सूर्य-चंद्र का प्रत्यक्ष प्रकाश वहाँ नहीं पहुँचता; प्रकाश नागमणियों से होता है।

#पाताल लोक#सूर्य#चंद्रमा
लोक

महातल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?

महातल पृथ्वी से 50,000 योजन नीचे है, इसलिए सूर्य-चंद्र का प्रकाश नहीं पहुँचता; प्रकाश नागमणियों से होता है।

#महातल सूर्य चंद्र#अधोलोक#50,000 योजन
लोक

रसातल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?

रसातल बहुत नीचे स्थित अधोलोक है, इसलिए सूर्य-चंद्र की किरणें वहाँ नहीं पहुँचतीं; प्रकाश नाग-मणियों से होता है।

#रसातल सूर्य चंद्र#अधोलोक#भूमिगत लोक
लोक

वितल लोक में चंद्रमा की ठंड क्यों नहीं लगती?

वितल में चंद्रमा की किरणें चाँदनी देती हैं, लेकिन ठिठुरन वाली ठंड उत्पन्न नहीं करतीं।

#वितल चंद्रमा#चाँदनी#तापमान
लोक

तलातल में सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश क्यों नहीं पहुँचता?

तलातल अधोलोक है, इसलिए सूर्य-चंद्रमा का प्रकाश नहीं पहुँचता; नाग-मणियाँ इसे प्रकाशित करती हैं।

#तलातल प्रकाश#सूर्य#चंद्रमा
यमलोक एवं न्याय

सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि और आकाश मनुष्य के कर्म क्यों जानते हैं?

गरुड़ पुराण के तृतीय अध्याय के अनुसार सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि, आकाश, भूमि, जल, हृदय और दोनों संध्याएँ — ये सभी मनुष्य के कर्मों के नित्य साक्षी हैं। साथ ही यमराज के गुप्तचर श्रवण भी सभी कर्म जानते हैं।

#सूर्य#चंद्र#कर्म साक्षी
त्योहार पूजा

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा को देखना अशुभ क्यों माना जाता है?

चन्द्र अशुभ: चन्द्रमा ने गणेश का उपहास → श्राप: 'देखने वाले पर मिथ्या दोष।' कृष्ण पर भी स्यमंतक आरोप। उपाय: स्यमंतक कथा + 'सिंहः प्रसेनम...' मंत्र + गणेश व्रत।

#गणेश चतुर्थी#चंद्रमा#श्राप
त्योहार पूजा

करवा चौथ पर चलनी से चंद्रमा क्यों देखते हैं?

चलनी: शुद्ध दृष्टि (दोष छानना=गुण देखना), वीरवती कथा (भ्रम बचाव=सही चन्द्रमा पहचान), अनेक प्रतिबिम्ब (सुन्दर दृश्य), पति=चन्द्रमा तुल्य (शीतल, दीर्घायु), धातु=शुद्धिकारक। आदर्श दाम्पत्य प्रतीक।

#करवा चौथ#चलनी#छलनी
त्योहार पूजा

करवा चौथ पर चंद्रमा देखकर व्रत क्यों खोलते हैं?

चन्द्र दर्शन क्यों: चन्द्र = अमरता प्रतीक (क्षय बाद पुनः पूर्ण), शिव मस्तक (शिव-पार्वती पर्व), चतुर्थी तिथि देवता। कथा: वीरवती ने बिना चन्द्र देखे व्रत खोला → पति मृत्यु → सही चन्द्रोदय पर पारण → पति जीवित। छलनी = शुद्ध दृष्टि।

#करवा चौथ चंद्रमा#चन्द्र दर्शन#व्रत पारण
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