विस्तृत उत्तर
पाताल लोक पृथ्वी तल के नीचे अधोलोकों की श्रृंखला में स्थित है। पृथ्वी के धरातल से सत्तर हजार योजन नीचे इन सातों अधोलोकों का पूर्ण विस्तार है। इन अधोलोकों में सूर्य और चंद्रमा का प्रत्यक्ष प्रकाश नहीं पहुँचता है, जिसके कारण यहाँ दिन और रात का कोई विभाजन नहीं है। परंतु सूर्य और चंद्रमा के प्रत्यक्ष प्रकाश के अभाव के बाद भी यहाँ अंधकार नहीं रहता, क्योंकि नागों के फनों पर स्थित दिव्य मणियाँ पाताल की कंदराओं और नगरियों को प्रकाशित करती रहती हैं।
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