कुल 13 परिणाम
शिव पुराण में काशी को 'अविमुक्त क्षेत्र' कहा गया है जिसे शिव कभी नहीं छोड़ते। काशी में मरने पर शिव स्वयं 'तारक मंत्र' देते हैं। काशी शिव के त्रिशूल पर...
शिव धाम महिमाशिव पुराण के अनुसार दक्ष के श्राप से क्षयग्रस्त चंद्रमा ने शिव की कठोर तपस्या की। शिव ने प्रसन्न होकर चंद्रमा को मृत्यु से बचाया और अपने मस्तक पर धारण...
शिव महिमाशिव का श्मशान-वास परम वैराग्य, मृत्यु की स्वीकृति और अहंकार-नाश का प्रतीक है। श्मशान जीवन का परम सत्य दर्शाता है। शिव काल के अधिपति हैं इसलिए काल के घ...
शिव तत्व दर्शनशिव का तीसरा नेत्र = आज्ञा चक्र। इड़ा+पिंगला = सुषुम्ना मिलन (अद्वैत = शिव)। बीज मंत्र 'ॐ' = शिव मंत्र। सहस्रार (शिव) का प्रवेश द्वार। मन शांत = शिव अ...
शिव ध्यानशिव पूजा भजन: शिव तांडव स्तोत्र (रावण-रचित)। शिव महिम्न स्तोत्र (पुष्पदंत, 43 श्लोक)। शिव पंचाक्षर स्तोत्र (शंकराचार्य)। जय शिव ओंकारा (आरती — अनिवार्...
शिव पूजाशिव पुराण में भगवान शिव के 19 प्रमुख अवतार बताए गए हैं — वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी, भैरव, अश्वत्थामा, शरभ, गृहपति, दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्ण...
शिव अवतारपापी वैश्य धनपाल महाशिवरात्रि की रात अनायास शिव मंदिर के पास जागता रहा और अनजाने में जागरण हो गया। इस अनायास जागरण मात्र से उसके समस्त पाप नष्ट हुए। य...
शिव भक्त कथाशिव तांडव स्तोत्र लंका के राजा रावण ने रचा था। कथा: रावण ने कैलाश उठाया, शिव ने दबाया, पीड़ा में रावण ने यह 15 श्लोक गाए। शिव प्रसन्न हुए और चंद्रहास ...
शिव साहित्यत्रिपुरांतक = तीन पुरों का अंत करने वाले। तीन असुर-पुत्रों के सोने-चाँदी-लोहे के तीन नगरों को शिव ने एक ही बाण से नष्ट किया। इसके बाद आनंद में शिव ने ...
शिव रूप महिमाशिव पूजा से मोक्ष: शिव पुराण (कैलाश संहिता): 'शिवमेव परो मोक्षः।' तीन मार्ग: सायुज्य-मुक्ति (लिंग पुराण), काशी में मोक्ष (स्कंद पुराण: शिव तारक-मंत्र ...
शिव पूजाशिव को प्रिय भोग: पंचामृत (सर्वोत्तम), भांग-ठंडाई, बेर, नारियल, सफेद मिठाई, खीर। भांग शिव पुराण में शिव का प्रिय बताई गई है। शिव 'भोलेनाथ' हैं — बेलपत...
पूजा सामग्रीशिव पुराण वेदव्यास रचित 24,000 श्लोक, 7 संहिताओं का महापुराण है। इसमें ज्योतिर्लिंग कथा, सती-पार्वती कथा, शिव-पार्वती विवाह, गणेश-कार्तिकेय जन्म, हलाह...
पुराण परिचय