विस्तृत उत्तर
शिव पूजा में गाए जाने वाले भजन और स्तोत्रों की एक समृद्ध परंपरा है। इनका वर्गीकरण उद्देश्य और परंपरा के अनुसार किया जाता है।
शिव-पूजा के प्रमुख स्तोत्र और भजन
1शिव तांडव स्तोत्र (रावण-रचित)
'जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले...'
यह शिव-भक्ति का सर्वाधिक प्रसिद्ध स्तोत्र है। रावण ने कैलाश हिलाते समय यह रचा था।
2शिव महिम्न स्तोत्र (पुष्पदंत-रचित)
'महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी...'
शिव की असीम महिमा का वर्णन — 43 श्लोक।
3शिव पंचाक्षर स्तोत्र (आदि शंकराचार्य-रचित)
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
पंचाक्षरी के साथ शिव के विभिन्न रूपों का वर्णन।
4शिव आरती ('जय शिव ओंकारा')
प्रत्येक शिव पूजा का अनिवार्य अंग।
5मृत्युंजय स्तोत्र
रोग-निवारण और दीर्घायु के लिए।
6द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च...' — 12 ज्योतिर्लिंगों की स्तुति।
भजन-गायन का क्रम
पूजा से पूर्व: भजन/कीर्तन → पूजा के दौरान: स्तोत्र पाठ → पूजा के अंत में: आरती → पूजा के बाद: मौन/ध्यान।





