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श्रीमद्भगवद्गीता · विभूति योग

श्लोक 23

विभूति योग · Vibhuti Yoga

मूल पाठ

रुद्राणां शङ्करश्चास्मि वित्तेशो यक्षरक्षसाम् | वसूनां पावकश्चास्मि मेरुः शिखरिणामहम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

रुद्रोंमें शंकर और यक्ष-राक्षसोंमें कुबेर मैं हूँ।वसुओंमें पावक (अग्नि) और शिखरवाले पर्वतोंमें सुमेरु मैं हूँ।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

रुद्रोंमें शंकर और यक्ष-राक्षसोंमें कुबेर मैं हूँ।वसुओंमें पावक (अग्नि) और शिखरवाले पर्वतोंमें सुमेरु मैं हूँ।

English Meaning

And, among the Rudras I am Sankara; among the Yakshas and Rakshasas, the Lord of wealth (Kubera); among the Vasus I am Pavaka (fire); and among the (seven) mountains I am the Meru.

And, among the Rudras I am Sankara; among the Yakshas and Rakshasas, the Lord of wealth (Kubera); among the Vasus I am Pavaka (fire); and among the (seven) mountains I am the Meru.

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