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श्रीमद्भगवद्गीता · विभूति योग

श्लोक 24

विभूति योग · Vibhuti Yoga

मूल पाठ

पुरोधसां च मुख्यं मां विद्धि पार्थ बृहस्पतिम् | सेनानीनामहं स्कन्दः सरसामस्मि सागरः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे पार्थ ! पुरोहितोंमें मुख्य बृहस्पतिको मेरा स्वरूप समझो। सेनापतियोंमें स्कन्द और जलाशयोंमें समुद्र मैं हूँ।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे पार्थ ! पुरोहितोंमें मुख्य बृहस्पतिको मेरा स्वरूप समझो। सेनापतियोंमें स्कन्द और जलाशयोंमें समुद्र मैं हूँ।

English Meaning

And, among the household priests (of kings), O Arjuna, know Me to be the chief, Brihaspati; among the army generals I am Skana; among lakes I am the ocean. '

And, among the household priests (of kings), O Arjuna, know Me to be the chief, Brihaspati; among the army generals I am Skana; among lakes I am the ocean. '

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