ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · विभूति योग

श्लोक 26

विभूति योग · Vibhuti Yoga

मूल पाठ

अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारदः | गन्धर्वाणां चित्ररथः सिद्धानां कपिलो मुनिः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सम्पूर्ण वृक्षोंमें पीपल, देवर्षियोंमें नारद, गन्धर्वोंमें चित्ररथ और सिद्धोंमें कपिल मुनि मैं हूँ।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

सम्पूर्ण वृक्षोंमें पीपल, देवर्षियोंमें नारद, गन्धर्वोंमें चित्ररथ और सिद्धोंमें कपिल मुनि मैं हूँ।

English Meaning

Among all the trees ( I am) the Peepul; among the divine sages, I am Narada; among Gandharvas, Chitraratha; among the perfected, the sage Kapila.

Among all the trees ( I am) the Peepul; among the divine sages, I am Narada; among Gandharvas, Chitraratha; among the perfected, the sage Kapila.

आगे पढ़ें — विभूति योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता