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श्रीमद्भगवद्गीता · विभूति योग

श्लोक 27

विभूति योग · Vibhuti Yoga

मूल पाठ

उच्चैःश्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्भवम् | ऐरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

घोड़ोंमें अमृतके साथ समुद्रसे प्रकट होनेवाले उच्चैःश्रवा नामक घोड़ेको, श्रेष्ठ हाथियोंमें ऐरावत नामक हाथीको और मनुष्योंमें राजाको मेरी विभूति मानो।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

घोड़ोंमें अमृतके साथ समुद्रसे प्रकट होनेवाले उच्चैःश्रवा नामक घोड़ेको, श्रेष्ठ हाथियोंमें ऐरावत नामक हाथीको और मनुष्योंमें राजाको मेरी विभूति मानो।

English Meaning

Know Me as Ucchaisravas born of nectar, among horses; among lordly elephants (I am) the Airavata; and, among men, the king.

Know Me as Ucchaisravas born of nectar, among horses; among lordly elephants (I am) the Airavata; and, among men, the king.

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