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श्रीमद्भगवद्गीता · विभूति योग

श्लोक 28

विभूति योग · Vibhuti Yoga

मूल पाठ

आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक् | प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

आयुधोंमें वज्र और धेनुओंमें कामधेनु मैं हूँ। सन्तान-उत्पत्तिका हेतु कामदेव मैं हूँ और सर्पोंमें वासुकि मैं हूँ।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

आयुधोंमें वज्र और धेनुओंमें कामधेनु मैं हूँ। सन्तान-उत्पत्तिका हेतु कामदेव मैं हूँ और सर्पोंमें वासुकि मैं हूँ।

English Meaning

Among weapons I am the thunderbolt; among cows I am the wish-fulfilling cow called Kamadhenu; I am the progenitor, the god of love; among serpents I am Vasuki.

Among weapons I am the thunderbolt; among cows I am the wish-fulfilling cow called Kamadhenu; I am the progenitor, the god of love; among serpents I am Vasuki.

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