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श्रीमद्भगवद्गीता · विभूति योग

श्लोक 29

विभूति योग · Vibhuti Yoga

मूल पाठ

अनन्तश्चास्मि नागानां वरुणो यादसामहम् | पितृ़णामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

नागोंमें अनन्त (शेषनाग) और जल-जन्तुओंका अधिपति वरुण मैं हूँ। पितरोंमें अर्यमा और शासन करनेवालोंमें यमराज मैं हूँ।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

नागोंमें अनन्त (शेषनाग) और जल-जन्तुओंका अधिपति वरुण मैं हूँ। पितरोंमें अर्यमा और शासन करनेवालोंमें यमराज मैं हूँ।

English Meaning

I am Ananta among the Nagas; I am Varuna among water-deities; Aryaman among the Manes I am; I am Yama among the governors.

I am Ananta among the Nagas; I am Varuna among water-deities; Aryaman among the Manes I am; I am Yama among the governors.

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