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श्रीमद्भगवद्गीता · आत्म संयम योग

श्लोक 39

आत्म संयम योग · Atma Samyama Yoga

मूल पाठ

एतन्मे संशयं कृष्ण छेत्तुमर्हस्यशेषतः | त्वदन्यः संशयस्यास्य छेत्ता न ह्युपपद्यते

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे कृष्ण! मेरे इस सन्देहका सर्वथा छेदन करनेके लिये आप ही योग्य हैं; क्योंकि इस संशयका छेदन करनेवाला आपके सिवाय दूसरा कोई हो नहीं सकता।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे कृष्ण! मेरे इस सन्देहका सर्वथा छेदन करनेके लिये आप ही योग्य हैं; क्योंकि इस संशयका छेदन करनेवाला आपके सिवाय दूसरा कोई हो नहीं सकता।

English Meaning

This doubt of mine, O Krishna, do Thou dispel completely; because it is not possible for any but Thee to dispel this doubt.

This doubt of mine, O Krishna, do Thou dispel completely; because it is not possible for any but Thee to dispel this doubt.

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