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श्रीमद्भगवद्गीता · ज्ञान विज्ञान योग

श्लोक 29

ज्ञान विज्ञान योग · Jnana Vijnana Yoga

मूल पाठ

जरामरणमोक्षाय मामाश्रित्य यतन्ति ये | ते ब्रह्म तद्विदुः कृत्स्नमध्यात्मं कर्म चाखिलम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जरा (वृद्धावस्था) और मरण (मृत्यु) से मोक्ष पानेके लिये जो मेरा आश्रय लेकर प्रयत्न करते हैं, वे उस ब्रह्मको, सम्पूर्ण अध्यात्मको और सम्पूर्ण कर्मको भी जान जाते हैं।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

जरा (वृद्धावस्था) और मरण (मृत्यु) से मोक्ष पानेके लिये जो मेरा आश्रय लेकर प्रयत्न करते हैं, वे उस ब्रह्मको, सम्पूर्ण अध्यात्मको और सम्पूर्ण कर्मको भी जान जाते हैं।

English Meaning

Those who strive for liberation from old age and death, taking refuge in Me, realise in full ï1thatï1 Brahman, the whole knowledge of the Self and all action.

Those who strive for liberation from old age and death, taking refuge in Me, realise in full ï1thatï1 Brahman, the whole knowledge of the Self and all action.

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