ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · ज्ञान विज्ञान योग

श्लोक 6

ज्ञान विज्ञान योग · Jnana Vijnana Yoga

मूल पाठ

एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारय | अहं कृत्स्नस्य जगतः प्रभवः प्रलयस्तथा

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अपरा और परा -- इन दोनों प्रकृतियोंके संयोगसे ही सम्पूर्ण प्राणी उत्पन्न होते हैं, ऐसा तुम समझो। मैं सम्पूर्ण जगत् का प्रभव तथा प्रलय हूँ।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

अपरा और परा -- इन दोनों प्रकृतियोंके संयोगसे ही सम्पूर्ण प्राणी उत्पन्न होते हैं, ऐसा तुम समझो। मैं सम्पूर्ण जगत् का प्रभव तथा प्रलय हूँ।

English Meaning

Know that these two (Natures) are the womb of all beings. So I am the source and dissolution of the whole universe.

Know that these two (Natures) are the womb of all beings. So I am the source and dissolution of the whole universe.

आगे पढ़ें — ज्ञान विज्ञान योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता