ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 11

राजविद्या राजगुह्य योग · Rajavidya Rajaguhya Yoga

मूल पाठ

अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् | परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मूर्खलोग मेरे सम्पूर्ण प्राणियोंके महान् ईश्वररूप परमभावको न जानते हुए मुझे मनुष्यशरीरके आश्रित मानकर अर्थात् साधारण मनुष्य मानकर मेरी अवज्ञा करते हैं।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

मूर्खलोग मेरे सम्पूर्ण प्राणियोंके महान् ईश्वररूप परमभावको न जानते हुए मुझे मनुष्यशरीरके आश्रित मानकर अर्थात् साधारण मनुष्य मानकर मेरी अवज्ञा करते हैं।

English Meaning

Fools disregard Me, clad in human form, not knowing My higher Being as the great Lord of (all) beings.

Fools disregard Me, clad in human form, not knowing My higher Being as the great Lord of (all) beings.

आगे पढ़ें — राजविद्या राजगुह्य योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता