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तिथि

नवमी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(92)

नवमी तिथि से जुड़े 92 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?

सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।

#सप्तमी#अष्टमी#नवमी
नवरात्रि

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

#कन्या पूजन#नवमी#अष्टमी
नवरात्रि

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?

अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।

#अष्टमी#नवमी#विशेष
दशमहाविद्या

मातंगी देवी की साधना से वाक् सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?

नवमी महाविद्या — वाक्/कला देवी। बीज: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा'। वाक् सिद्धि = सम्मोहक वाणी। कवि/वक्ता/गायक/कलाकार। गृहस्थ सुख सर्वोत्तम। हरा रंग।

#मातंगी#वाक् सिद्धि#साधना
दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा में संधि पूजा क्या होती है और कब की जाती है?

अष्टमी-नवमी संधिकाल (~24-48 मिनट)। चंड-मुंड/शुम्भ-निशुम्भ वध क्षण। 108 दीपक + 108 पुष्प + बलिदान (प्रतीकात्मक)। नवरात्रि सबसे शक्तिशाली पूजा।

#संधि पूजा#अष्टमी#नवमी
लोक

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध किस दिन करें?

मातृ नवमी को।

#सुहागिन श्राद्ध#नवमी#मातृ नवमी
लोक

नवमी श्राद्ध का निष्कर्ष क्या है?

यह मातृ-शक्ति और कुल कल्याण का श्राद्ध है।

#नवमी श्राद्ध#निष्कर्ष#मातृ नवमी
लोक

अपराह्न काल में नवमी श्राद्ध क्यों करें?

यह पितृ कर्म का मुख्य काल है।

#अपराह्न काल#नवमी श्राद्ध#ब्राह्मण भोज
लोक

कुतुप मुहूर्त में नवमी श्राद्ध क्यों करें?

यह श्राद्ध आरंभ का श्रेष्ठ समय है।

#कुतुप मुहूर्त#नवमी श्राद्ध#काल
लोक

नवमी श्राद्ध का सही मुहूर्त कौन सा है?

कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल।

#नवमी मुहूर्त#कुतुप#रौहिण
लोक

गरुड़ पुराण में नवमी श्राद्ध क्या बताता है?

श्राद्ध अन्न पितरों तक रूपांतरित होकर पहुँचता है।

#गरुड़ पुराण#नवमी श्राद्ध#अन्न रूपांतरण
लोक

नवमी श्राद्ध से आत्मा को कौन सी गति मिलती है?

आत्मा को ऊर्ध्व गति मिलती है।

#आत्मा#ऊर्ध्व गति#विष्णु पुराण
लोक

नवमी श्राद्ध से धन ऐश्वर्य मिलता है क्या?

हाँ, धन और ऐश्वर्य का फल बताया गया है।

#धन#ऐश्वर्य#श्राद्ध फल
लोक

नवमी श्राद्ध से संतान सुख मिलता है क्या?

हाँ, संतान का आशीर्वाद बताया गया है।

#संतान सुख#याज्ञवल्क्य स्मृति#श्राद्ध फल
लोक

नवमी श्राद्ध से सौभाग्य कैसे बढ़ता है?

सुहागिन पूर्वजाओं की तृप्ति से।

#सौभाग्य#अविधवा नवमी#स्त्री शक्ति
लोक

नवमी श्राद्ध से स्त्रियों को क्या लाभ बताया गया है?

सौभाग्य और वैवाहिक सुख।

#स्त्री लाभ#अविधवा नवमी#सौभाग्य
लोक

नवमी श्राद्ध से परिवार को क्या आशीर्वाद मिलता है?

धन, संतति, ऐश्वर्य और शांति।

#परिवार#आशीर्वाद#नवमी श्राद्ध
लोक

मातृ नवमी न करने से क्या दोष लगता है?

मातृ-दोष लगता है।

#मातृ नवमी दोष#मातृ दोष#श्राद्ध लोप
लोक

नवमी श्राद्ध न करने से क्या होता है?

मातृ-दोष और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

#श्राद्ध न करना#मातृ दोष#नवमी
लोक

नवमी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, पितृ दोष शांति में सहायक है।

#पितृ दोष#नवमी#श्राद्ध
लोक

नवमी श्राद्ध से मातृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, मातृ-दोष शांति होती है।

#मातृ दोष#नवमी श्राद्ध#गरुड़ पुराण
लोक

अविधवा नवमी का फल क्या है?

सौभाग्य और वैवाहिक सुख का आशीर्वाद।

#अविधवा नवमी फल#सौभाग्य#सुहाग
लोक

मातृ नवमी से क्या फल मिलता है?

मातृ आशीर्वाद, धन और शांति।

#मातृ नवमी फल#माता#आशीर्वाद
लोक

नवमी श्राद्ध से क्या लाभ मिलता है?

मातृ-दोष शांति और पारिवारिक सुख।

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लोक

नवमी श्राद्ध में क्षौर कर्म क्यों वर्जित है?

पितृ पक्ष संयम का काल है।

#क्षौर कर्म#पितृ पक्ष#निषेध
लोक

नवमी श्राद्ध में कौन से बर्तन शुभ हैं?

सोना, चांदी, तांबा, कांसा या पत्तल।

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लोक

नवमी श्राद्ध में लोहे के बर्तन क्यों नहीं?

लोहे के बर्तन श्राद्ध में वर्जित हैं।

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लोक

नवमी श्राद्ध में मांस मदिरा क्यों वर्जित है?

इससे पितर रुष्ट होते हैं।

#मांस#मदिरा#वायु पुराण
लोक

नवमी श्राद्ध में लहसुन प्याज क्यों नहीं?

क्योंकि श्राद्ध भोजन सात्विक होता है।

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लोक

नवमी श्राद्ध में क्या वर्जित है?

लहसुन, प्याज, मसूर, चना, काला नमक आदि।

#वर्जित द्रव्य#नवमी श्राद्ध#श्राद्ध नियम
लोक

नवमी श्राद्ध में कौन सी वस्तुएं प्रिय हैं?

तिल, दूध, कुशा, जौ, घी और सफेद फूल।

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लोक

नवमी श्राद्ध में कौन सा भोजन बनता है?

खीर, पूरी और सात्विक भोजन।

#श्राद्ध भोजन#खीर#सात्विक भोजन
लोक

नवमी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन के समान फल।

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लोक

नवमी श्राद्ध में वैष्णव को भोजन कराना श्रेष्ठ क्यों?

क्योंकि वैष्णव श्रेष्ठ पात्र माना गया है।

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लोक

नवमी श्राद्ध में किस ब्राह्मण को भोजन कराएं?

सुपात्र, ज्ञानी और संयमी ब्राह्मण को।

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लोक

नवमी श्राद्ध में ब्राह्मण भोज क्यों जरूरी है?

यह श्राद्ध का मुख्य अंग है।

#ब्राह्मण भोज#नवमी श्राद्ध#श्राद्ध विधि
लोक

अविधवा नवमी में लाल या हरा वस्त्र क्यों?

सुहाग और सौभाग्य के प्रतीक रूप में।

#लाल वस्त्र#हरा वस्त्र#अविधवा नवमी
लोक

अविधवा नवमी में कौन सी सौभाग्य सामग्री चढ़ती है?

कुमकुम, सिंदूर, आल्ता, चूड़ी और आभूषण।

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लोक

अविधवा नवमी में सौभाग्य सामग्री क्यों चढ़ाते हैं?

सुहागिन स्त्री के सम्मान के लिए।

#सौभाग्य सामग्री#अविधवा नवमी#सुहाग
लोक

अविधवा नवमी में सुहागिन ब्राह्मणी को क्यों खिलाते हैं?

सुहागिन पूर्वजाओं की तृप्ति के लिए।

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लोक

नवमी श्राद्ध में मत्स्य बलि क्या है?

मछलियों के लिए अन्न अर्पण।

#मत्स्य बलि#मछली#पंचबलि
लोक

नवमी श्राद्ध में चींटियों को अन्न क्यों देते हैं?

सूक्ष्म जीवों की तृप्ति के लिए।

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लोक

नवमी श्राद्ध में काक बलि क्यों दी जाती है?

कौआ पितरों का संदेशवाहक है।

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लोक

नवमी श्राद्ध में श्वान बलि क्यों दी जाती है?

यमदूतों की तुष्टि के लिए।

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लोक

नवमी श्राद्ध में गौ बलि क्यों दी जाती है?

गाय मातृ-तत्व का प्रतीक है।

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लोक

नवमी श्राद्ध में पंचबलि क्या है?

पांच जीवों के लिए अन्न अर्पण।

#पंचबलि#नवमी श्राद्ध#भोजन
लोक

नवमी श्राद्ध में पुरूरवा आर्द्रव कौन हैं?

श्राद्ध के रक्षक विश्वेदेव।

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लोक

नवमी श्राद्ध में विश्वेदेव कौन होते हैं?

पुरूरवा और आर्द्रव विश्वेदेव।

#विश्वेदेव#पुरूरवा#आर्द्रव
लोक

नवमी श्राद्ध में वसु रुद्र आदित्य कैसे मानते हैं?

तीन पीढ़ियां वसु, रुद्र, आदित्य मानी जाती हैं।

#वसु#रुद्र#आदित्य
लोक

नवमी श्राद्ध में मातृ वसु क्या है?

माता को वसु स्वरूप मानना।

#मातृ वसु#याज्ञवल्क्य स्मृति#श्राद्ध
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
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होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।