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विस्तृत उत्तर
माता का श्राद्ध करते समय उन्हें वसु स्वरूप माना जाता है। इसे मातृ-वसु भाव से यजन कहा गया है।
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माता का श्राद्ध करते समय उन्हें वसु स्वरूप माना जाता है।
माता को वसु स्वरूप मानना।
माता का श्राद्ध करते समय उन्हें वसु स्वरूप माना जाता है। इसे मातृ-वसु भाव से यजन कहा गया है।
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