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तिथि

नवमी तिथि — तिथि — विधि, व्रत, पूजन प्रश्नोत्तर(92)

नवमी तिथि से जुड़े 92 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

लोक

नवमी श्राद्ध में माता का आवाहन कैसे होता है?

नाम-गोत्र लेकर तर्पण किया जाता है।

#माता आवाहन#गोत्र#तर्पण
लोक

नवमी श्राद्ध में कौन से पिण्ड चढ़ते हैं?

मातृ-पितरों के पिण्ड।

#पिण्डदान#मातृ पितर#नवमी
लोक

नवमी श्राद्ध में तर्पण कैसे करें?

तिल-कुश-जल से दक्षिणमुख तर्पण।

#तर्पण#नवमी#काला तिल
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नवमी श्राद्ध में पिण्ड कैसे बनाते हैं?

चावल, दूध, घी, शक्कर और मधु से।

#पिण्ड#चावल#श्राद्ध विधि
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नवमी श्राद्ध में काले तिल क्यों जरूरी हैं?

काले तिल पितरों को तृप्त करते हैं।

#काले तिल#तर्पण#विष्णु
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नवमी श्राद्ध में कुशा क्यों जरूरी है?

कुशा श्राद्ध का पवित्र आधार है।

#कुशा#पवित्री#श्राद्ध
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नवमी श्राद्ध में जनेऊ कैसे रखें?

जनेऊ दाहिने कंधे पर रखें।

#जनेऊ#अपसव्य#पितृ कर्म
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नवमी श्राद्ध में मुख किस दिशा में रखें?

दक्षिण दिशा की ओर।

#दक्षिण दिशा#तर्पण#नवमी श्राद्ध
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नवमी श्राद्ध में श्राद्धकर्ता कैसे बैठे?

कुशा, रेशम या ऊन के आसन पर।

#श्राद्ध विधि#आसन#नवमी
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नवमी श्राद्ध में दौहित्र का अधिकार है क्या?

हाँ, दौहित्र को अधिकार है।

#दौहित्र#श्राद्ध अधिकार#मातृ पक्ष
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संयुक्त परिवार में नवमी श्राद्ध कौन करे?

परिवार का मुखिया कर सकता है।

#संयुक्त परिवार#नवमी श्राद्ध#कर्त्ता
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नवमी श्राद्ध का अधिकारी कौन है?

पुत्र सहित योग्य परिजन।

#श्राद्ध अधिकारी#नवमी#पराशर स्मृति
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कन्या की मृत्यु पर नवमी श्राद्ध होता है क्या?

अविवाहित कन्या के लिए सामान्यतः नहीं।

#कन्या मृत्यु#नवमी#श्राद्ध
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अविधवा नवमी चतुर्दशी से अलग क्यों है?

अविधवा-त्व को विशेष पवित्र माना गया है।

#अविधवा नवमी#चतुर्दशी#अकाल मृत्यु
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अविधवा स्त्री की अकाल मृत्यु हो तो श्राद्ध कब?

अविधवा नवमी को।

#अविधवा#अकाल मृत्यु#नवमी
लोक

अविधवा का अर्थ क्या है?

पति के जीवित रहते दिवंगत सुहागिन स्त्री।

#अविधवा#सुहागिन#नवमी
लोक

मातृ नवमी और अविधवा नवमी में क्या अंतर है?

मातृ नवमी माताओं के लिए, अविधवा नवमी सुहागिन स्त्रियों के लिए।

#मातृ नवमी#अविधवा नवमी#अंतर
लोक

नवमी श्राद्ध में नानी का श्राद्ध होता है क्या?

हाँ, नानी का श्राद्ध भी हो सकता है।

#नानी श्राद्ध#मातामही#मातृ नवमी
लोक

नवमी श्राद्ध में दादी का श्राद्ध होता है क्या?

हाँ, दादी का श्राद्ध नवमी पर हो सकता है।

#दादी श्राद्ध#मातृ नवमी#नवमी
लोक

नवमी को मरने वाले का श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष की नवमी को।

#नवमी मृत्यु#श्राद्ध तिथि#पार्वण
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नवमी श्राद्ध में कौन से पितर आते हैं?

मातृ-पक्ष और सुहागिन स्त्री पितर।

#नवमी पितर#मातृ पक्ष#अविधवा
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मातृ नवमी से मातृ ऋण कैसे मिटता है?

मातृ-पितरों की तृप्ति से।

#मातृ ऋण#मातृ नवमी#तर्पण
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नवमी तिथि शक्ति से कैसे जुड़ी है?

नवमी दैवी स्त्री शक्ति का प्रतीक है।

#नवमी#शक्ति#मातृ नवमी
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नवमी श्राद्ध का शास्त्रीय महत्व क्या है?

यह मातृ-शक्ति और मातृ-ऋण का श्राद्ध है।

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माता का श्राद्ध नवमी को क्यों करते हैं?

क्योंकि नवमी मातृ-शक्ति की तिथि है।

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लोक

अविधवा नवमी किसके लिए होती है?

पति से पहले दिवंगत सुहागिन स्त्रियों के लिए।

#अविधवा नवमी#सुहागिन#पत्नी श्राद्ध
लोक

मातृ नवमी किसके लिए होती है?

माता, दादी, परदादी और नानी के लिए।

#मातृ नवमी#माता#दादी नानी
लोक

नवमी श्राद्ध किनके लिए होता है?

माता, मातृ-पक्ष और सुहागिन स्त्रियों के लिए।

#नवमी श्राद्ध#मातृ पक्ष#अविधवा
लोक

नवमी श्राद्ध कब किया जाता है?

पितृ पक्ष की नवमी तिथि को।

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अविधवा नवमी क्या है?

सुहागिन अवस्था में दिवंगत स्त्री का श्राद्ध।

#अविधवा नवमी#सुहागिन स्त्री#श्राद्ध
लोक

मातृ नवमी क्या होती है?

माताओं और मातृ-पक्ष की पूर्वजाओं का श्राद्ध।

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लोक

नवमी श्राद्ध क्या है?

माता और सुहागिन स्त्रियों के लिए नवमी का श्राद्ध।

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लोक

मातृ नवमी किसके लिए होती है?

माता और स्त्री पितरों के लिए।

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लोक

अष्टमी और मातृ नवमी में क्या अंतर है?

अष्टमी पितरों के लिए, नवमी मातृ पक्ष के लिए विशेष।

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लोक

सप्तमी, अष्टमी और नवमी क्यों खास हैं?

इन तिथियों में पितृ पूजन पितृकल्याण योग बनाता है।

#सप्तमी अष्टमी नवमी#पितृकल्याण योग#श्राद्ध
लोक

मातृ नवमी क्या है?

माता और दिवंगत महिलाओं के श्राद्ध की नवमी तिथि मातृ नवमी है।

#मातृ नवमी#माता श्राद्ध#नवमी
लोक

मातृ नवमी अलग क्यों है?

मातृ नवमी स्थानीय विशेष परंपरा है, पर मूल मृत्यु तिथि का श्राद्ध मुख्य है।

#मातृ नवमी#तृतीया श्राद्ध#माता श्राद्ध
विशेष मृत्यु श्राद्ध

मातृ नवमी किसे कहते हैं?

मातृ नवमी = अविधवा नवमी का दूसरा नाम। पितृ पक्ष की वह नवमी तिथि जब सुहागिन (पति के जीवित रहते मृत) स्त्रियों — विशेषतः माताओं — का श्राद्ध किया जाता है। 'मातृ' = माता, माताओं को विशेष सम्मान देने वाला नाम।

#मातृ नवमी#अविधवा नवमी#माता श्राद्ध
विशेष मृत्यु श्राद्ध

अविधवा नवमी क्या है?

अविधवा नवमी = पितृ पक्ष की वह विशेष नवमी तिथि जब उन स्त्रियों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु पति के जीवित रहते हुई हो। 'अविधवा' = जो विधवा नहीं, सधवा। इसे 'मातृ नवमी' भी कहते हैं।

#अविधवा नवमी#मातृ नवमी#सुहागिन स्त्री
तिथि नियम

सुहागिन महिलाओं (मातृ नवमी) और सन्यासियों (द्वादशी) का श्राद्ध कब होता है?

जो महिलाएं सुहागिन (पति के रहते) मृत्यु को प्राप्त हुई हों, उनका श्राद्ध 'नवमी' तिथि (मातृ नवमी) को और सन्यासियों व साधुओं का श्राद्ध 'द्वादशी' (12वीं) तिथि को होता है।

#मातृ नवमी#द्वादशी श्राद्ध#सौभाग्यवती श्राद्ध
तिथि निर्णय

सप्तमी या नवमी विद्धा अष्टमी में से व्रत के लिए कौन सी सही है?

शास्त्रों के अनुसार 'सप्तमी' से मिली हुई अष्टमी पर व्रत करना मना है। दुर्गा पूजा के लिए हमेशा 'नवमी' से मिली हुई अष्टमी (परविद्धा) ही सर्वश्रेष्ठ और सिद्धि देने वाली मानी जाती है।

#पूर्वविद्धा#परविद्धा#शास्त्र नियम
देवी उपासना

दुर्गा पूजा में अष्टमी और नवमी में हवन कैसे करें

अष्टमी/नवमी हवन: हवनकुण्ड → अग्नि प्रज्वलन → नवग्रह आहुति → सप्तशती मंत्रों से आहुति + 'स्वाहा' → नवार्ण मंत्र 108 आहुति → नवदुर्गा नाम आहुति → पूर्णाहुति (नारियल + वस्त्र)। कुलाचार अनुसार अष्टमी या नवमी। कन्या भोज + ब्राह्मण भोजन।

#दुर्गा पूजा#अष्टमी#नवमी
आज का पंचांग
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पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
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