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विस्तृत उत्तर
मातृ आवाहन और पितृ तर्पण के समय जनेऊ दाहिने कंधे पर अपसव्य रूप में धारण किया जाता है।
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मातृ आवाहन और पितृ तर्पण के समय जनेऊ दाहिने कंधे पर अपसव्य रूप में धारण किया जाता है।
जनेऊ दाहिने कंधे पर रखें।
मातृ आवाहन और पितृ तर्पण के समय जनेऊ दाहिने कंधे पर अपसव्य रूप में धारण किया जाता है।
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