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18 अप्रैल 2026

18 अप्रैल 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

18 अप्रैल 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी
योग
प्रीति
करण
बव
वार
शनिवार
हिन्दू मास
वैशाख
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:48

आज के पर्व

Ishtiचंद्र

18 अप्रैल 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

विष्णु जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

विष्णु-पूजा के लिए — गुरुवार (प्रमुख दिन, पीले वस्त्र और केले का भोग), एकादशी (प्रिय तिथि), वैशाख और कार्तिक मास (विशेष पुण्यकारी)। जन्माष्टमी और रामनवमी अवतार-पर्व हैं।

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

मानसिक तनाव और डिप्रेशन दूर करने का मंत्र

डिप्रेशन और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भगवान शिव के 'ॐ नमः शिवाय' और चंद्र देव के बीज मंत्र का गहरी सांसों के साथ मानसिक जप करना चाहिए।

सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के लिए प्रतिपदा श्राद्ध विशेष माना गया है।

पड़वा श्राद्ध क्या होता है?

पड़वा श्राद्ध प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध है।

प्रतिपदा मातृकुल के लिए खास क्यों है?

प्रतिपदा नाना-नानी के श्राद्ध के लिए विशेष मानी गई है।

मातामह श्राद्ध क्या है?

नाना-नानी के लिए किया जाने वाला श्राद्ध मातामह श्राद्ध है।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के श्राद्ध के लिए प्रतिपदा तिथि विशेष मानी गई है।

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो तो श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो या किसी अन्य तिथि पर हुई हो — फिर भी श्राद्ध पितृ पक्ष की 'प्रतिपदा तिथि' को ही करें। यह प्रतिपदा का विशेष विशेषाधिकार है जो केवल मातृकुल को दिया गया है।

नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?

नवरात्रि का पहला दिन (प्रतिपदा) = माँ शैलपुत्री को समर्पित। माता शैलपुत्री = हिमालय की पुत्री। वे मानव की आंतरिक शक्ति, दृढ़ता और प्रकृति की आदि-ऊर्जा की साक्षात् प्रतीक हैं।

2026 में चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?

2026 चैत्र नवरात्रि: 19 मार्च (गुरुवार)। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा)। अभिजित मुहूर्त: 12:05 से 12:53। राहुकाल: 14:48 से 16:18 (वर्जित)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

कलश स्थापना सुबह किस समय करनी चाहिए?

कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। 2026 में 19 मार्च: प्रातः 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा का संयोग)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?

मुहूर्त के नियम (निर्णयसिन्धु): प्रतिपदा तिथि की व्याप्ति अनिवार्य। सर्वश्रेष्ठ = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। विकल्प = अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न)। शुभ लग्न = द्विस्वभाव (मीन, मिथुन, कन्या, धनु)।

महामृत्युंजय मंत्र किस अध्याय में है?

महामृत्युंजय मंत्र = रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में। देवता: चंद्र। आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए।

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18 अप्रैल 2026 — आज का पंचांग और प्रश्नोत्तर — 18