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3 मई 2026

3 मई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

3 मई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र
विशाखा
योग
वरीयान
करण
तैतिल
वार
रविवार
हिन्दू मास
ज्येष्ठ
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:57

3 मई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

तांत्रिक पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

तांत्रिक पूजा के लिए शनिवार और रविवार सबसे उत्तम दिन हैं — निशिता काल (मध्यरात्रि) में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

रविवार को तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए क्यों?

रविवार को माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, इसलिए उस दिन पत्ते तोड़ना या जल चढ़ाना उनके व्रत को खंडित करना माना जाता है। विष्णु पुराण में यह स्पष्ट वर्जित है।

सूर्य ग्रह मजबूत करने रविवार उपाय

रविवार: अर्घ्य+आदित्य हृदय+'ॐ सूं सूर्याय नमः' 108+लाल वस्त्र+गुड़/गेहूं दान+माणिक+पिता सम्मान+गायत्री।

रविवार को लाल रंग पहनने का महत्व

रविवार = लाल/केसरिया (सूर्य)। तेज, अधिकार, स्वास्थ्य, नेतृत्व। सूर्य पूजा, अर्घ्य। माणिक रत्न। ज्योतिष परंपरा।

गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से कितने पापों का नाश होता है

गंगा दशहरा = 10 पापों का नाश। 3 कायिक (हिंसा/चोरी/परस्त्री) + 4 वाचिक (कठोर/असत्य/निन्दा/बकवास) + 3 मानसिक (लालसा/द्वेष/मिथ्या)। ब्रह्मपुराण: 'हरते दशपापानि तस्माद् दशहरा'। 10 योगों में गंगा अवतरित। 10 डुबकी + 10 दान।

निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन क्यों माना जाता है?

निर्जला कठिन: जल भी वर्जित (24 घण्टे), ज्येष्ठ=भीषण गर्मी (40-48°C), भीम कथा (महाबली भी कठिन), 24 एकादशी=1 निर्जला (फल=कठिनता दोनों सर्वाधिक)। केवल आचमन। स्वास्थ्य सर्वोपरि।

गंगा दशहरा पर गंगा पूजा कैसे करें

गंगा दशहरा: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी — गंगा अवतरण दिवस। गंगा/नदी स्नान → गंगा पूजा (श्वेत पुष्प, चन्दन) → गंगा स्तोत्र → 10 की संख्या में दान → नदी में दीपदान। दशहरा = 10 पापों का नाश (3 कायिक + 4 वाचिक + 3 मानसिक)।

सूर्य ग्रह शांति पूजा कैसे करवाएं?

सूर्य शांति: प्रतिदिन ताम्बे से सूर्य अर्घ्य (सबसे सरल) → 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' 7000 जप → मदार समिधा से हवन → आदित्य हृदय स्तोत्र (सर्वश्रेष्ठ) → दान (गेहूँ, गुड़, ताँबा) → रविवार व्रत → सूर्य नमस्कार।

रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

सूर्योदय पर तांबे लोटे से अर्घ्य (जल+रोली+लाल फूल), 'ॐ सूर्याय नमः' 11 बार, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य नमस्कार। गुड़+गेहूँ दान। खड़े होकर अर्घ्य। लाभ: स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सरकारी सफलता।

रविवार को कौन से काम शुभ?

रविवार=सूर्य(अधिकार/सरकार)। शुभ: सूर्य पूजा, सरकारी कार्य, पद, माणिक। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। सूर्य नमस्कार।

सूर्य देव की पूजा विधि?

प्रातः तांबा लोटा जल+फूल+अक्षत→सूर्य ओर धारा→'ॐ सूर्याय' 7 बार। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय' 108। आदित्य हृदय स्तोत्र। रविवार/छठ/संक्रांति। सरल: 1 लोटा जल=पर्याप्त।

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पर्व-पञ्चांग

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