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27 मई 2026

27 मई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

27 मई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल एकादशी
नक्षत्र
हस्त
योग
व्यतीपात
करण
विष्टि
वार
बुधवार
हिन्दू मास
ज्येष्ठ
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
19:12

आज के पर्व

एकादशी

27 मई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

एकादशी को कौन से काम न करें?

एकादशी=विष्णु व्रत। न करें: अन्न(चावल विशेष), मांस, दिन सोना, क्रोध, झूठ। करें: विष्णु पूजा, गीता, व्रत, जप, दान। उपवास+भक्ति दिन।

विष्णु जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

विष्णु-पूजा के लिए — गुरुवार (प्रमुख दिन, पीले वस्त्र और केले का भोग), एकादशी (प्रिय तिथि), वैशाख और कार्तिक मास (विशेष पुण्यकारी)। जन्माष्टमी और रामनवमी अवतार-पर्व हैं।

मंत्र जप में एकादशी का क्या विशेष महत्व है?

विष्णु तिथि — विष्णु/कृष्ण जप सर्वोत्तम। उपवास+जप = द्विगुणित। सात्विक ऊर्जा। निर्जला = सबसे शक्तिशाली। 11 = एकादश रुद्र/सिद्धि।

बुधवार को कौन से काम शुभ?

बुधवार=बुध(बुद्धि/व्यापार)। सभी कार्य शुभ — व्यापार, दुकान, बैंक, शिक्षा, लेखन, संचार, गृहप्रवेश। कोई विशेष वर्जना नहीं।

गणेश चालीसा पढ़ने की विधि और नियम क्या हैं?

विधि: स्नान → पूर्व/उत्तर मुख → दीपक → सिंदूर, दूर्वा, मोदक → 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार → चालीसा → आरती। बुधवार/चतुर्थी विशेष। तुलसी वर्जित। 21/40 दिन निरंतर = विशेष फल। फल: विघ्न नाश, बुद्धि, सफलता।

कृष्ण जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

कृष्ण पूजा के लिए बुधवार सबसे शुभ दिन है, क्योंकि यह कृष्ण से जुड़ी परंपरा का प्रमुख दिन है। रोहिणी नक्षत्र भी विशेष शुभ है। जन्माष्टमी (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) वर्ष की सर्वोत्तम कृष्ण-पूजा का अवसर है।

विष्णु पूजा कैसे करें — विधि?

तुलसी(अत्यंत प्रिय)+पीले फूल+चंदन+पंचामृत। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। विष्णु सहस्रनाम/गीता। 'ॐ जय जगदीश' आरती। एकादशी/गुरुवार। तुलसी बिना=अपूर्ण।

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

बुधवार को गणेश पूजा करने का क्या विशेष विधान है?

बुधवार = बुद्धि दिवस, गणेश = बुद्धि देवता। विधान: पंचामृत अभिषेक, सिंदूर, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, अथर्वशीर्ष/चालीसा, हरे मूंग प्रसाद। 21 बुधवार व्रत = मनोकामना पूर्ति। फल: बुद्धि, वाक्शक्ति, व्यापार लाभ, बुध शांति।

गजाच्छाया योग क्या है?

हस्त सूर्य, मघा चन्द्र और त्रयोदशी/अमावस्या का योग।

एकादशी श्राद्ध में फलाहारी पिण्ड कैसे बनता है?

खोआ या फलाहारी सामग्री से।

एकादशी श्राद्ध में सुयोग्य ब्राह्मण का महत्व क्या है?

योग्य पात्र से श्राद्ध सफल होता है।

एकादशी श्राद्ध से तेजस्वी पुत्र मिलता है क्या?

हाँ, तेजस्वी पुत्रों का फल बताया गया है।

एकादशी श्राद्ध से ऐश्वर्य मिलता है क्या?

हाँ, सतत ऐश्वर्य का फल है।

श्राद्ध तत्त्व में एकादशी श्राद्ध कैसे करें?

अन्न रहित फलाहारी विधि से।

पद्म पुराण में एकादशी अन्न का निषेध क्या है?

देव-पितर एकादशी अन्न स्वीकार नहीं करते।

पाप पुरुष अन्न में कब रहता है?

एकादशी के दिन।

एकादशी श्राद्ध में ब्रह्मवैवर्त पुराण का मत क्या है?

एकादशी पर अन्न-श्राद्ध निषिद्ध है।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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