ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
2 सितंबर 2026

2 सितंबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

2 सितंबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
भरणी
योग
ध्रुव
करण
तैतिल
वार
बुधवार
हिन्दू मास
भाद्रपद
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:42

आज के पर्व

षष्ठी

2 सितंबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

बुधवार को कौन से काम शुभ?

बुधवार=बुध(बुद्धि/व्यापार)। सभी कार्य शुभ — व्यापार, दुकान, बैंक, शिक्षा, लेखन, संचार, गृहप्रवेश। कोई विशेष वर्जना नहीं।

गणेश चालीसा पढ़ने की विधि और नियम क्या हैं?

विधि: स्नान → पूर्व/उत्तर मुख → दीपक → सिंदूर, दूर्वा, मोदक → 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार → चालीसा → आरती। बुधवार/चतुर्थी विशेष। तुलसी वर्जित। 21/40 दिन निरंतर = विशेष फल। फल: विघ्न नाश, बुद्धि, सफलता।

बुधवार को गणेश पूजा करने का क्या विशेष विधान है?

बुधवार = बुद्धि दिवस, गणेश = बुद्धि देवता। विधान: पंचामृत अभिषेक, सिंदूर, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, अथर्वशीर्ष/चालीसा, हरे मूंग प्रसाद। 21 बुधवार व्रत = मनोकामना पूर्ति। फल: बुद्धि, वाक्शक्ति, व्यापार लाभ, बुध शांति।

पंचमी और चतुर्दशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

पंचमी अविवाहित मृत्यु के लिए, चतुर्दशी अकाल मृत्यु के लिए है।

उपनयन के बाद बाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

उपनयन के बाद बाल मृत्यु का श्राद्ध पंचमी को करें।

अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध कब करें?

अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित बहन का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित बहन का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित भाई का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित भाई का श्राद्ध पंचमी को करें।

कुँवारी लड़की का श्राद्ध कब करें?

कुँवारी लड़की का श्राद्ध पंचमी को किया जाता है।

कुँवारे लड़के का श्राद्ध कब करें?

कुँवारे लड़के का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित दिवंगत का श्राद्ध पंचमी को करें।

बच्चे की मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

अविवाहित या बाल्यावस्था में मृत बच्चों का श्राद्ध शास्त्रों के अनुसार पंचमी (भरणी पंचमी) या त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। दोनों तिथियाँ शास्त्रों में निर्धारित हैं और कुलाचार के अनुसार इनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है। यह विशेष कोटि के मृतकों के लिए है।

हरतालिका तीज व्रत क्या है?

हरतालिका तीज = भाद्रपद शुक्ल तृतीया, निर्जला व्रत। कथा: हिमालय ने विष्णु से विवाह तय किया → पार्वती दुखी → सखी ने हरण कर जंगल ले गई → पार्वती ने बालू का शिवलिंग बनाकर रात भर जागरण किया → शिव प्रकट हुए और पत्नी स्वीकार किया।

शिव वास भोजन में होने पर क्या होता है?

शिव वास भोजन में होने पर (षष्ठी, त्रयोदशी) शिव का ध्यान अन्यत्र होता है जिससे सकाम कर्म का फल प्राप्ति कठिन होती है — इन तिथियों को त्याज्य माना गया है।

बुध मजबूत करने बुधवार उपाय

बुधवार: गणेश+'ॐ बुं बुधाय नमः' 108+हरा+मूंग दान+पन्ना+अथर्वशीर्ष+पुस्तक दान+बुद्धि कार्य।

बुधवार को कौन सा रंग पहनें

बुधवार = हरा (बुध ग्रह)। बुद्धि, व्यापार, संचार लाभ। गणेश/विष्णु पूजा। पन्ना रत्न। ज्योतिष परंपरा।

हरतालिका तीज व्रत में बालू से शिव पार्वती बनाने का क्या विधान है?

बालू शिव-पार्वती: पार्वती ने बालू शिवलिंग बनाकर तप किया (अनुसरण)। विधि: बालू/मिट्टी→शिवलिंग+पार्वती+गणेश→केले पत्ते→षोडशोपचार→बेलपत्र। 'हरतालिका'=सखी ने हरा (छिपाया)। निर्जला+जागरण। प्रातः विसर्जन।

गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना कैसे करें?

गणपति स्थापना: मिट्टी मूर्ति → चौकी सज्जा → प्राण प्रतिष्ठा (पंचामृत स्नान, 'ॐ गं गणपतये नमः') → षोडशोपचार → गणेश अथर्वशीर्ष → 21 मोदक भोग → आरती → प्रतिदिन पूजा → अनंत चतुर्दशी विसर्जन। दूर्वा 21 गाँठ। चन्द्र दर्शन वर्जित।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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