भगवान कृष्ण नाम मंत्र
श्यामसुंदर
व्यक्तित्व में आकर्षण, सात्विक सम्मोहन विद्या एवं आंतरिक सौंदर्य की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
व्यक्तित्व में आकर्षण, सात्विक सम्मोहन विद्या एवं आंतरिक सौंदर्य की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
व्यक्तित्व में आकर्षण, सात्विक सम्मोहन विद्या एवं आंतरिक सौंदर्य की प्राप्ति
जाप विधि
भगवान के अलौकिक रूप का ध्यान करते हुए मानसिक या उपांशु स्मरण।
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न मां त्यजेथाः श्रितकल्पवल्लि सद्भक्ति-चिन्तामणि-कामधेनो । न मां त्यजेथा भव सुप्रसन्ने गृहे कलत्रेषु च पुत्रवर्गे ॥ 27
mool mantraॐ निर्ऋतये नमः
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
beej mantraदं
shanti mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्माऽमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
jap mantraॐ नमो नारायणाय