विष्णु उपासनाशालिग्राम घर में रखने के नियम क्या हैं?शालिग्राम को घर में ऊँचे पवित्र स्थान पर रखें, नित्य पूजा का संकल्प लें, दान या बिक्री न करें। अशुद्ध अवस्था में स्पर्श न करें। जितनी पूजा की क्षमता हो उतने ही रखें। शालिग्राम के साथ तुलसी का पौधा भी शुभ है।#शालिग्राम घर#शालिग्राम नियम#शालिग्राम विधि
माला नियमतुलसी माला से जप करने के नियम क्या हैं?विष्णु/कृष्ण/राम/लक्ष्मी। शिव = वर्जित। गंगाजल + विष्णु मंत्र शुद्धि। कंठी = वैष्णव (सदा पहनें)। जप माला ≠ कंठी। तुलसी + विष्णु सहस्रनाम = सर्वोत्तम।#तुलसी#माला#जप
तीर्थ यात्राबद्रीनाथ यात्रा के नियममई-नवंबर। ऑनलाइन पंजीकरण। ~3,133m ऊंचाई। तप्त कुंड→दर्शन। ऋषिकेश→300km।#बद्रीनाथ#नियम#विष्णु
व्रत विधिएकादशी व्रत कैसे रखें विधि और नियम?एकादशी व्रत: दशमी शाम एक भोजन (चावल वर्जित) → एकादशी: निर्जला/फलाहार + विष्णु पूजा + 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' + रात्रि जागरण → द्वादशी: सूर्योदय बाद पारण। अन्न-प्याज-लहसुन वर्जित। प्रति मास 2, वर्ष 24 एकादशी।#एकादशी#व्रत#विष्णु
लक्ष्मी पूजालक्ष्मी जी की पूजा में शंख बजाने का क्या नियम है?समुद्र मंथन = शंख+लक्ष्मी दोनों। विष्णु पांचजन्य। आरती में बजाएं। दक्षिणावर्ती = अत्यंत शुभ। शंखोदक = पवित्र। ध्वनि = 'ॐ'। शिव में वर्जित — लक्ष्मी/विष्णु अनिवार्य।#शंख#बजाना#लक्ष्मी
विष्णु उपासनाविष्णु सहस्रनाम पाठ का सही तरीका क्या है?विष्णु सहस्रनाम का पाठ प्रातःकाल स्नान के बाद, शुद्ध आसन पर बैठकर, एकाग्र मन और शुद्ध उच्चारण के साथ करना चाहिए। एकादशी, पूर्णिमा और गुरुवार को पाठ विशेष फलदायी है। श्रद्धा और नियमितता इसकी सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।#विष्णु सहस्रनाम#पाठ विधि#नियम