शिव भक्तिशिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे सरल उपाय क्या है?सबसे सरल: एक लोटा जल + 'ॐ नमः शिवाय' (शिव पुराण: 'एक लोटा जल से प्रसन्न')। बेलपत्र। 4 दाने चावल भी भाव से अर्पित करें — वरदान मिलेगा। शिव = आशुतोष, भाव के भूखे, सामग्री के नहीं।#प्रसन्न#सरल उपाय#आशुतोष
शिव नाम महिमाशिव को आशुतोष क्यों कहते हैंआशुतोष = शीघ्र प्रसन्न होने वाले। एक बेलपत्र, एक लोटा जल — इतने से संतुष्ट हो जाते हैं। रावण-भस्मासुर जैसों को भी वरदान दिया। 'ॐ आशुतोषाय नमः' इनकी शीघ्र कृपा के लिए मंत्र है।#आशुतोष#शीघ्र प्रसन्न
शिव नाम महिमाशिव को भोलेनाथ क्यों कहते हैंभोलेनाथ = सरल, निष्कपट और सहजता से प्रसन्न होने वाले प्रभु। एक लोटा जल और बेलपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं। रावण-भस्मासुर जैसे असुरों को भी वरदान दिया। यही उनकी भोली प्रकृति है।#भोलेनाथ#आशुतोष#शिव सरलता
लोकशिव जी जल्दी प्रसन्न क्यों हो जाते हैं?शिव जी करुणामय आशुतोष हैं; वे सरल भाव, जल, बेलपत्र या कठोर तप से भी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।#आशुतोष#शिव प्रसन्न#वरदान
लोकशिव जी ने भस्मासुर को भस्म करने वाला वरदान क्यों दिया?शिव जी ने अपने वचन, करुणा और आशुतोष स्वभाव के कारण भस्मासुर को वह वरदान दे दिया।#शिव वरदान#भस्मासुर#आशुतोष
लोकशिव जी ने वृकासुर को वरदान क्यों दिया?शिव जी ने वृकासुर को उसकी कठोर तपस्या और अपने आशुतोष स्वभाव के कारण वरदान दिया।#शिव वरदान#वृकासुर#आशुतोष
लोकशिव जी को आशुतोष क्यों कहा जाता है?शिव जी आशुतोष कहलाते हैं क्योंकि वे थोड़े से सच्चे भाव या तप से भी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।#आशुतोष#शिव#वरदान