भक्ति एवं आध्यात्मकृष्ण जी की कथा से जीवन में क्या शिक्षा मिलती हैकृष्ण-कथाओं से शिक्षाएँ — गीता से फल की चिंता किए बिना कर्म करना; सुदामा-प्रसंग से निःस्वार्थ मित्रता; कुरुक्षेत्र से अन्याय के सामने चुप न रहना; नश्वरता स्वीकार करना; और राधा-कृष्ण प्रेम से निःस्वार्थ प्रेम।#कृष्ण जीवन शिक्षा#गीता शिक्षा#कृष्ण दर्शन
श्रीमद्भागवतभागवत पुराण में कृष्ण का रूप कैसा है?भागवत पुराण में कृष्ण का रूप ऐसा बताया गया है कि उनका वक्ष सौंदर्य की लक्ष्मी का निवास, मुख नेत्रों के लिए सौंदर्य-सुधा और चरण भक्तों का आश्रय हैं।
श्रीमद्भागवतभीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन क्यों मिले?भीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन इसलिए मिले क्योंकि कृष्ण अपने अनन्य प्रेमी भक्तों पर कृपा करते हैं।#भीष्म#कृष्ण दर्शन#भक्ति
श्रीमद्भागवतकृष्ण दर्शन से जन्म-मृत्यु कैसे मिटती है?कुंती के अनुसार विपत्ति में कृष्ण का दर्शन होता है, और कृष्ण के चरणकमल का दर्शन जन्म-मृत्यु के प्रवाह को रोक देता है।#कृष्ण दर्शन#जन्म मृत्यु#कुंती
श्रीमद्भागवतविपदः सन्तु नः शश्वत् का अर्थ क्या है?इस वाक्य का भाव है कि हमारे जीवन में विपत्तियाँ आती रहें, क्योंकि विपत्तियों में कृष्ण का दर्शन होता है और उनका दर्शन जन्म-मृत्यु से मुक्त करता है।#विपदः सन्तु नः शश्वत्#कुंती स्तुति#कृष्ण दर्शन
श्रीमद्भागवतकुंती ने कृष्ण से विपत्ति क्यों मांगी?कुंती ने विपत्ति इसलिए मांगी क्योंकि विपत्तियों में कृष्ण का दर्शन होता है, और कृष्ण-दर्शन के बाद जन्म-मृत्यु के चक्र में नहीं आना पड़ता।#कुंती#विपत्ति#कृष्ण दर्शन