मंत्र जप व्यावहारिकमंत्र जप में प्रगति कैसे मापें?शांति↑, एकाग्रता↑, नींद↓, अनासक्ति, स्वतः जप (अजपा), इष्ट स्वप्न, जीवन परिवर्तन। सावधानी: मापना = अहंकार। 'मापें नहीं — करते रहें।' गुरु = सर्वोत्तम मापक।#प्रगति#मापना#जप
दुर्गा मंत्रदुर्गा मंत्र 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' का जप कैसे करें?'ॐ दुं दुर्गायै नमः' — 108/1008 बार। रुद्राक्ष/स्फटिक माला। लाल आसन, पूर्व/उत्तर मुख। मंगलवार/शुक्रवार/नवरात्रि। 'दुं' = बीजाक्षर। अनुष्ठान: सवा लाख + हवन। शत्रु नाश, भय निवारण।#दुर्गा मंत्र#ॐ दुं#जप
गणेश मंत्र'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?108 दैनिक, 1008 विशेष, सवा लाख अनुष्ठान, 21 संक्षिप्त। रुद्राक्ष/स्फटिक/हल्दी माला। बुधवार/चतुर्थी। 'गं' = बीजाक्षर — कभी भी कहीं भी। विघ्न नाश, बुद्धि, कार्य सिद्धि।#ॐ गं गणपतये#जप#संख्या
मंत्र जप दर्शनमंत्र जप ध्यान की तैयारी है या स्वयं ध्यान है?दोनों। शुरुआत = तैयारी (धारणा→ध्यान)। गहन = स्वयं ध्यान (जपकर्ता+मंत्र+देवता = एक)। क्रम: वाचिक→उपांशु→मानस→अजपा→ध्यान→समाधि। 'जप से ध्यान, ध्यान से समाधि।'#जप#ध्यान#तैयारी
मंत्र जप ज्ञानमंत्र जप में भजन-कीर्तन और जप में क्या अंतर है?जप: मंत्र दोहराना, माला, 108, गुप्त, सिद्धि। कीर्तन: नाम गाना, सामूहिक, उच्च। भजन: स्तुति गीत, संगीतमय। सिद्धि: जप > कीर्तन > भजन। भक्ति: सभी समान।#भजन#कीर्तन#जप