ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

पाताल से जुड़े सभी प्रश्न(60)

पाताल पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 60 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

संकर्षण की अग्नि का उद्गम कहाँ से होता है?

संकर्षण की अग्नि (कालानल) का उद्गम पाताल के मूल में स्थित भगवान शेषनाग (संकर्षण/अनन्त देव) के मुख से होता है। यह पाताल से ऊपर उठकर त्रैलोक्य को भस्म करती है।

#संकर्षण#अग्नि#उद्गम
लोक

संकर्षण की अग्नि क्या है?

संकर्षण की अग्नि (कालानल) पाताल के मूल में स्थित भगवान शेषनाग के मुख से नैमित्तिक प्रलय में उत्पन्न होती है और पाताल से ऊपर उठकर त्रैलोक्य को भस्म करती है।

#संकर्षण#कालानल#शेषनाग
लोक

भूलोक के नीचे कौन-कौन से लोक हैं?

भूलोक के नीचे सात अधोलोक हैं — अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल। यहाँ सर्प-मणियों का प्रकाश है और असुर-नाग-दानव रहते हैं।

#भूलोक#अधोलोक#पाताल
लोक

भुवर्लोक के राक्षस पाताल के असुरों से कैसे अलग हैं?

भुवर्लोक के राक्षस वायुमंडलीय और सूक्ष्म होते हैं जो अंतरिक्ष में विचरण करते हैं जबकि पाताल के असुर भूमि के नीचे रहने वाली स्थूल सत्ताएं हैं।

#भुवर्लोक#राक्षस#पाताल
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं — अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल। ये सभी पृथ्वी के नीचे स्थित हैं।

#अधोलोक#पाताल#रसातल
लोक वर्णन

शिवलोक रुद्रलोक और हाटकेश्वर का वर्णन कहाँ आता है?

शिवलोक, भूमिष्ठ रुद्रलोक और पातालस्थ हाटकेश्वर का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में आता है।

#शिवलोक#रुद्रलोक#हाटकेश्वर
लोक

संवर्तक अग्नि कहाँ से उठती है?

यह पाताल से उठकर स्वर्ग तक फैलती है।

#संवर्तक अग्नि#पाताल#प्रलय
लोक

पाताल लोक में नागों के कितने फन बताए गए हैं?

पाताल के नागों के पाँच, सात, दस, सौ या एक हजार तक फन बताए गए हैं।

#नागों के फन#पाताल#महानाग
लोक

पाताल लोक में कौन-कौन से महानाग रहते हैं?

पाताल में वासुकि, शंख, कुलिक, महाशंख, श्वेत, धनंजय, धृतराष्ट्र, शंखचूड़, कम्बल, अश्वतर और देवदत्त आदि महानाग रहते हैं।

#महानाग#पाताल#वासुकि
लोक

वासुकि नाग कौन हैं?

वासुकि पाताल या नागलोक के नागराज हैं और भगवान शिव के गले में आभूषण रूप में शोभित होते हैं।

#वासुकि#नागराज#पाताल
लोक

नागलोक किसे कहते हैं?

सात अधोलोकों के अंतिम पाताल को नागलोक कहते हैं, जहाँ वासुकि और अनेक महानाग रहते हैं।

#नागलोक#पाताल#वासुकि
लोक

हर अधोलोक की गहराई कितनी है?

प्रत्येक अधोलोक की गहराई और विस्तार 10,000 योजन है।

#अधोलोक गहराई#10,000 योजन#पाताल
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

#सात अधोलोक#पाताल#अतल
लोक

विष्णु पुराण में महातल कैसे बताया गया है?

विष्णु पुराण में महातल पांचवां पाताल है और पाताल लोकों को स्वर्ग से भी सुंदर बताया गया है।

#विष्णु पुराण#महातल#पाताल
लोक

महातल पर राजा बलि का अधिकार कैसे माना गया है?

राजा बलि सुतल में रहते हैं, पर संपूर्ण पाताल और बिल-स्वर्गों पर उनका संप्रभु अधिकार माना गया है।

#राजा बलि#महातल#पाताल
लोक

महातल लोक स्वर्ग से भी सुंदर क्यों माना गया है?

महातल स्वर्ग से सुंदर माना गया है क्योंकि वहाँ नागमणियाँ, रत्नमय महल, सुंदर उद्यान, सरोवर और दिव्य सौंदर्य है।

#महातल सुंदरता#स्वर्ग से सुंदर#नारद
लोक

महातल लोक पृथ्वी से कितनी गहराई पर है?

महातल पृथ्वी से 50,000 योजन की गहराई पर स्थित है।

#महातल गहराई#पृथ्वी से दूरी#50,000 योजन
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

#सात अधोलोक#महातल#पाताल
लोक

महातल लोक किस लोक के नीचे है?

महातल लोक तलातल के नीचे स्थित है।

#महातल के ऊपर#तलातल#अधोलोक क्रम
लोक

महातल लोक सात अधोलोकों में कौन सा है?

महातल सात अधोलोकों में पांचवां लोक है।

#महातल स्थान#सात अधोलोक#पांचवां अधोलोक
लोक

क्या महातल लोक पाताल है?

हाँ, महातल पाताल मंडल का पांचवां अधोलोक है, लेकिन अंतिम पाताल या नागलोक नहीं है।

#महातल#पाताल#अधोलोक
लोक

नारद जी ने रसातल और पाताल के बारे में क्या कहा?

नारद जी ने कहा कि पाताल और रसातल का सौंदर्य, संपदा और विलासिता इंद्र के स्वर्ग से भी अधिक है।

#नारद#रसातल#पाताल
लोक

हर अधोलोक की दूरी कितनी बताई गई है?

प्रत्येक अधोलोक दस-दस हजार योजन की दूरी या गहराई पर स्थित बताया गया है।

#अधोलोक दूरी#दस हजार योजन#रसातल
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

#सात अधोलोक#रसातल#पाताल
लोक

रसातल लोक किस लोक के ऊपर है?

रसातल लोक पाताल या नागलोक के ऊपर स्थित है।

#रसातल के नीचे#पाताल#नागलोक
लोक

रसातल लोक सात अधोलोकों में कौन सा है?

रसातल सात अधोलोकों में छठा लोक है।

#रसातल स्थान#सात अधोलोक#छठा अधोलोक
लोक

क्या रसातल लोक पाताल है?

रसातल पाताल मंडल का छठा अधोलोक है, लेकिन अंतिम पाताल या नागलोक नहीं है।

#रसातल#पाताल#अधोलोक
लोक

रसातल लोक कहाँ है?

रसातल लोक पृथ्वी से लगभग साठ हजार योजन नीचे, महातल के नीचे और पाताल के ऊपर स्थित है।

#रसातल लोक कहाँ है#अधोलोक#महातल
लोक

रसातल लोक क्या है?

रसातल पृथ्वी के नीचे सात अधोलोकों में छठा लोक है। यह नरक नहीं, बल्कि भौतिक ऐश्वर्य से भरा बिल-स्वर्ग है।

#रसातल लोक#अधोलोक#बिल-स्वर्ग
लोक

गर्ग मुनि ने पाताल में क्या ज्ञान प्राप्त किया?

गर्ग मुनि ने शेषनाग की कृपा से ज्योतिष शास्त्र, खगोल विज्ञान, ग्रहों की गति और शकुन-अपशकुन का ज्ञान पाया।

#गर्ग मुनि#पाताल#शेषनाग
लोक

शेषनाग का वितल लोक से क्या संबंध है?

शेषनाग सभी अधोलोकों के आधार हैं; वितल के नाग और असुर भी उनकी स्तुति करते हैं।

#शेषनाग#वितल लोक#पाताल
लोक

नरक लोक वितल लोक से कहाँ स्थित हैं?

नरक लोक वितल सहित सातों पाताल लोकों से भी नीचे, गर्भोदक सागर के ऊपर और दक्षिण दिशा में स्थित हैं।

#नरक लोक#वितल लोक#पाताल
लोक

वितल लोक और नरक लोक में क्या अंतर है?

वितल बिल-स्वर्ग है, नरक नहीं। नरक लोक सात अधोलोकों से भी नीचे पापियों की यातना के स्थान हैं।

#वितल और नरक#बिल-स्वर्ग#नरक लोक
लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग के नीचे क्या बताया गया है?

हाटकेश्वर शिवलिंग और पाताल के नीचे अथाह जलराशि और उसके नीचे पचपन करोड़ घोर नरक बताए गए हैं।

#हाटकेश्वर शिवलिंग नीचे#नरक#पाताल
लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग की पूजा कौन करता है?

हाटकेश्वर शिवलिंग की पूजा वितल और पाताल लोक के श्रेष्ठ नागराज अपनी मणियों के प्रकाश में करते हैं।

#हाटकेश्वर पूजा#नागराज#वितल लोक
लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग का मंदिर कैसा है?

हाटकेश्वर शिवलिंग का मंदिर दस हजार योजन ऊँचा, रत्नों-मणियों से जड़ा और अद्भुत वास्तुशिल्प वाला है।

#हाटकेश्वर मंदिर#दस हजार योजन#रत्न
लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग कितना बड़ा है?

हाटकेश्वर शिवलिंग की ऊँचाई एक हजार योजन बताई गई है।

#हाटकेश्वर शिवलिंग आकार#एक हजार योजन#स्कन्द पुराण
लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग किसने स्थापित किया?

हाटकेश्वर शिवलिंग को ब्रह्मांड के कल्याण के लिए स्वयं भगवान ब्रह्मा ने पाताल में स्थापित किया।

#हाटकेश्वर शिवलिंग#ब्रह्मा#स्कन्द पुराण
लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग क्या है?

हाटकेश्वर शिवलिंग पाताल में ब्रह्मा द्वारा स्थापित भगवान शिव का विशाल दिव्य लिंग है।

#हाटकेश्वर शिवलिंग#स्कन्द पुराण#वितल लोक
लोक

वितल लोक में कौन-कौन से नाग रहते हैं?

वितल लोक में महाबली नागों के झुंड और प्रसिद्ध नागराज तक्षक का नगर बताया गया है।

#वितल नाग#तक्षक#नागराज
लोक

नागों की मणियाँ वितल लोक को कैसे प्रकाशित करती हैं?

नागों के फनों की दिव्य मणियाँ दैवीय रश्मियाँ छोड़ती हैं, जिनसे वितल लोक प्रकाशित रहता है।

#नाग मणि#वितल प्रकाश#दिव्य मणियाँ
लोक

वितल लोक स्वर्ग से भी सुंदर क्यों माना गया है?

वितल लोक स्वर्ग से सुंदर माना गया है क्योंकि नारद जी ने पाताल लोकों के ऐश्वर्य, रत्न, संगीत और सौंदर्य को स्वर्ग से श्रेष्ठ बताया।

#वितल स्वर्ग से सुंदर#नारद#बिल-स्वर्ग
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

#सात अधोलोक#अतल#वितल
लोक

वितल लोक सात अधोलोकों में कौन सा है?

वितल लोक सात अधोलोकों में दूसरा लोक है।

#वितल लोक#सात अधोलोक#दूसरा अधोलोक
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

#सात अधोलोक#अतल#सुतल
लोक

सुतल लोक कहाँ है?

सुतल लोक पृथ्वी के धरातल से तीस हजार योजन नीचे स्थित है। यह सात अधोलोकों में तीसरा लोक है।

#सुतल लोक कहाँ है#सुतल लोक स्थान#अधोलोक
लोक

मार्कण्डेय पुराण में तलातल का स्थान क्या है?

मार्कण्डेय पुराण में तलातल सात अधोलोकों में चौथे स्थान पर है।

#मार्कण्डेय पुराण#तलातल#चौथा अधोलोक
लोक

तलातल लोक नरक जैसा स्थान क्यों नहीं है?

तलातल में यातना नहीं, बल्कि रत्नजड़ित महल, दिव्य प्रकाश, भोग-सुख और रोग-बुढ़ापे से रहित जीवन बताया गया है।

#तलातल#नरक नहीं#स्वर्ग से सुंदर
लोक

तलातल लोक किस लोक के नीचे है?

तलातल सुतल लोक के नीचे स्थित है।

#तलातल#सुतल#अधोलोक क्रम
लोक

सात अधोलोक कौन-कौन से हैं?

सात अधोलोक हैं: अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

#अधोलोक#पाताल#रसातल
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।