विस्तृत उत्तर
तलातल लोक नरक जैसा स्थान नहीं है क्योंकि यहाँ यातना, अंधकार और दारुण कष्ट का वर्णन नहीं मिलता। यह दैत्य, दानव और मायावी असुरों का अत्यंत ऐश्वर्यशाली लोक है। यहाँ विशाल रत्नजड़ित महल, स्वर्णिम पीली भूमि, सुगंधित वायु, मधुर संगीत, सुंदर उद्यान, स्वच्छ सरोवर और विलासितापूर्ण जीवन है। सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश यहाँ नहीं पहुँचता, फिर भी नागों की मणियों से पूरे लोक में दिव्य प्रकाश रहता है। यहाँ के निवासियों को बुढ़ापा, रोग, पसीना, बालों की सफेदी और समय का भय नहीं होता।
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