मंत्र ज्ञानमहालक्ष्मी बीज मंत्र क्या है?महालक्ष्मी का मूल बीज मंत्र 'श्रीं' है। त्रिबीज मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' सर्वाधिक शक्तिशाली है। इन्हें स्फटिक या कमलगट्टे की माला से शुक्रवार को पीले वस्त्र में जपें।#बीज मंत्र#श्रीं#महालक्ष्मी
मंत्र ज्ञानमहाकाली बीज मंत्र क्या है?महाकाली का मूल बीज मंत्र 'क्रीं' है। सरल साधना के लिए 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' और विशेष तांत्रिक साधना के लिए दशाक्षरी मंत्र 'ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके... स्वाहा' है। दशाक्षरी मंत्र गुरु दीक्षा के बाद ही जपें।#बीज मंत्र#काली मंत्र
मंत्र ज्ञानदुर्गा बीज मंत्र क्या है?दुर्गा का मूल बीज मंत्र 'दुं' है। सप्तशती का सर्वोच्च मंत्र नवार्ण मंत्र है — 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे'। इसमें ऐं (महासरस्वती), ह्रीं (महालक्ष्मी) और क्लीं (महाकाली) के बीज हैं।#बीज मंत्र#दुर्गा मंत्र#ऐं ह्रीं क्लीं
सरस्वतीसरस्वती बीज मंत्र का जप परीक्षा सफलता के लिए कैसे करें?'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' 108 बार, 21 दिन पहले से। स्फटिक माला, श्वेत वस्त्र। पढ़ाई पूर्व 11 बार। परीक्षा दिन 21 बार। हॉल में 3 बार 'ऐं' (मन में)। बिना दीक्षा मान्य। मेहनत + मंत्र = सफलता।#ऐं#परीक्षा#विद्या
ध्यान साधनाध्यान के दौरान कौन सा मंत्र जपें?ध्यान में सर्वश्रेष्ठ मंत्र ओम् है (माण्डूक्योपनिषद)। सोऽहम् — श्वास के साथ सबसे सरल। गायत्री — बुद्धि-शुद्धि के लिए। इष्टदेव-मंत्र — श्रद्धानुसार। गीता (10/25) — 'जपयज्ञोऽस्मि' — जप सर्वश्रेष्ठ यज्ञ है। गुरु-दीक्षित मंत्र का जप सर्वाधिक प्रभावशाली होता है।#मंत्र#ध्यान#ओम्
लक्ष्मी मंत्रलक्ष्मी बीज मंत्र 'श्रीं' का जप कितनी बार करना चाहिए?108 बार (दैनिक), 1008 उत्तम, सवा लाख अनुष्ठान। स्फटिक/कमलगट्टा माला। शुक्रवार, लाल आसन। 'ॐ श्रीं श्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'। धन आगमन, ऋण मुक्ति।#श्रीं#बीज मंत्र#जप
दुर्गा मंत्रदुर्गा सप्तशती के बीज मंत्र क्या हैं और इन्हें कैसे जपें?ऐं = सरस्वती (ज्ञान), ह्रीं = लक्ष्मी (ऐश्वर्य), क्लीं = काली (शक्ति)। संयुक्त: 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' (नवार्ण)। 108 बार, स्फटिक माला।#बीज मंत्र#सप्तशती#जप
अस्त्र शस्त्रमंत्र से अस्त्र कैसे उत्पन्न किया जाता था?बाण को धनुष पर चढ़ाकर देव का ध्यान और बीज-मंत्र उच्चारण से अभिमंत्रित किया जाता था। मन की एकाग्रता और शुद्धता अनिवार्य थी। अस्त्र की शक्ति वस्तु में नहीं — मंत्र और भाव में थी।#मंत्र अस्त्र#अभिमंत्रित#बीज मंत्र
दुर्गा मंत्रनवार्ण मंत्र 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' का जप कैसे करें?'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' — 9 अक्षर। ऐं=सरस्वती, ह्रीं=लक्ष्मी, क्लीं=काली। 108/1008 बार, स्फटिक माला। गुरु दीक्षा उत्तम। सप्तशती का मूल मंत्र। अनुष्ठान: सवा लाख + हवन।#नवार्ण#9 अक्षर#बीज मंत्र