खिचड़ी और नैवेद्यमकर संक्रांति पर खिचड़ी का भोग क्यों लगाते हैं?खिचड़ी भोग: मूंग/छिलके वाली दाल + नए चावल + हल्दी + सेंधा नमक + घी। आयुर्वेद: शीतकाल में सुपाच्य, ऊष्मादायक। त्रिदोष (वात-पित्त-कफ) संतुलक। साथ में तिल-गुड़ के लड्डू और गजक भी।#खिचड़ी भोग#नैवेद्य#सात्विक भोजन
मकर संक्रांति परिचयमकर संक्रांति क्यों मनाते हैं?मकर संक्रांति = सूर्य का धनु से मकर राशि में संक्रमण। उत्तरायण = 'देवयान' — अंधकार से प्रकाश, मृत्यु से अमरता की ओर। धर्मसिंधु, मत्स्य पुराण आदि: इस दिन स्नान, दान, जप और तप का फल अनंत कोटि गुणा।
त्योहार पूजामकर संक्रांति पर गुड़ और तिल के लड्डू बांटने का क्या अर्थ है?तिल-गुड़: 'गोड गोड बोला' (मधुर सम्बंध), शनि+सूर्य शांति, आयुर्वेद (शीत ऊष्मा), एकता (छोटे दाने=लड्डू), दान पर्व।#तिल-गुड़#मकर संक्रांति#मिठास
त्योहार पूजामकर संक्रांति पर खिचड़ी दान का क्या विधान है?खिचड़ी दान: सम्पूर्ण पोषण दान, उड़द=शनि (मकर स्वामी), बाबा गोरखनाथ (ऐतिहासिक), आयुर्वेद (सुपाच्य+उष्ण)। विधि: स्नान→सूर्य अर्घ्य→खिचड़ी+तिल+गुड़ दान। UP-बिहार='खिचड़ी पर्व'।#खिचड़ी#मकर संक्रांति#दान
त्योहार पूजामकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का क्या धार्मिक कारण है?पतंग: सूर्य स्वागत (उत्तरायण), ऊर्ध्वगामी=शुभता (गीता 8.24 — देवयान), सूर्य स्नान (Vitamin D — सर्दी मुक्ति), ऋतु उत्सव (शीत विदाई), सामुदायिक मेलजोल। चीनी मांजा=पक्षी हत्या — सूती डोर प्रयोग।#मकर संक्रांति#पतंग#सूर्य
त्योहार पूजालोहड़ी पर अग्नि पूजा कैसे करें?लोहड़ी अग्नि पूजा: संध्या को लकड़ी-उपले अग्नि → परिक्रमा → तिल-गुड़-मूँगफली-रेवड़ी आहुति → 'आदर आये दलिद्दर जाये!' → लोहड़ी गीत ('सुंदर मुंदरिये...') → प्रसाद वितरण। नवजात/नवविवाहित विशेष। शीत विदाई, उत्तरायण स्वागत।#लोहड़ी#अग्नि पूजा#पंजाब
त्योहार पूजापोंगल त्योहार में सूर्य पूजा कैसे करें?पोंगल सूर्य पूजा: थाई पोंगल (मकर संक्रांति)। विधि: आँगन में कोलम → मिट्टी बर्तन में नया चावल+दूध+गुड़ उबालें → उफनने पर 'पोंगलो पोंगल!' → सूर्य को भोग ('ॐ सूर्याय नमः') → गन्ना-हल्दी-नारियल अर्पण → प्रसाद वितरण। कृषि-कृतज्ञता पर्व।#पोंगल#सूर्य पूजा#तमिलनाडु
त्योहार पूजामकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का क्या महत्व है?तिल-गुड़ महत्व: धार्मिक — तिल = शनि प्रिय (मकर स्वामी), विष्णु वास, 6 प्रकार प्रयोग (स्नान-दान-हवन-भोजन-तर्पण-उबटन)। गुड़ = मिठास-सम्बंधों का प्रतीक। आयुर्वेदिक — तिल उष्ण (सर्दी में गर्मी), गुड़ ऊर्जा-लौह स्रोत। दान सर्वाधिक पुण्यदायी।#मकर संक्रांति#तिल गुड़#उत्तरायण