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विश्राम से जुड़े सभी प्रश्न(11)

विश्राम पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 11 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

मन्वन्तर समाप्त होने पर ऋषि महर्लोक में क्यों आते हैं?

मन्वन्तर के बाद सेवानिवृत्त मनु, इन्द्र और सप्तर्षि विश्राम, परब्रह्म-ध्यान और सत्यलोक जाने की प्रतीक्षा के लिए महर्लोक में आते हैं। इनका तेज ब्रह्मा के समान होता है।

#मन्वन्तर#महर्लोक#विश्राम
लोक

मन्वन्तर के बाद ऋषि महर्लोक में क्यों आते हैं?

एक मन्वन्तर के बाद सेवानिवृत्त इन्द्र, सप्तर्षि और मनु विश्राम और परब्रह्म-ध्यान के लिए महर्लोक में आते हैं और सत्यलोक की प्रतीक्षा करते हैं।

#मन्वन्तर#महर्लोक#सप्तर्षि
लोक

प्रलय को ब्रह्मांडीय विश्राम क्यों कहते हैं?

क्योंकि प्रलय में सृष्टि नष्ट नहीं, अव्यक्त विश्राम में जाती है।

#प्रलय#विश्राम#सृष्टि
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

आधा मुहूर्त कितना समय माना गया है?

आधा मुहूर्त लगभग 24 मिनट माना गया है।

#आधा मुहूर्त#24 मिनट#यममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

16 पुरियों में आत्मा को कितना विश्राम मिलता है?

हर पुरी में आत्मा को आधा मुहूर्त, लगभग 24 मिनट, विश्राम मिलता है।

#16 पुरियाँ#विश्राम#आधा मुहूर्त
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यममार्ग में छाया या विश्राम क्यों नहीं मिलता?

यममार्ग तपते सूर्य से दग्ध और छाया-विहीन है; विश्राम केवल 16 पुरियों में थोड़े समय के लिए मिलता है।

#यममार्ग#छाया#विश्राम
लोक

मार्कंडेय पुराण में अतल लोक को क्या कहा गया है?

मार्कंडेय पुराण में अतल लोक को असुरों का वह सुरक्षित स्थान बताया गया है जो देवताओं की पहुँच से दूर है। युद्ध में हारने पर असुर यहाँ आकर शक्ति संचित करते हैं।

#मार्कंडेय पुराण#अतल लोक#असुर
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'रामचरितमानस एहि नामा। सुनत श्रवन पाइअ बिश्रामा' — इसका अर्थ क्या है?

अर्थ — इसका नाम 'रामचरितमानस' है, जिसके कानों से सुनते ही शान्ति (विश्राम) मिलती है। विषय-तापसे जलता मनरूपी हाथी इस मानसरूपी सरोवर में आकर सुखी हो जाता है।

#बालकाण्ड#मानस नामकरण#चौपाई
जीवन एवं मृत्यु

क्या नरक में जीव को विश्राम मिलता है?

नरक में विश्राम नहीं — 'केवल तड़प ही उसका भाग्य।' बेहोश होने पर भी यमदूत जगाते हैं। 'नरक में दुःख की अधिकता है।' दानी पुण्यात्मा को यममार्ग पर कुछ राहत।

#नरक#विश्राम#यातना
जीवन एवं मृत्यु

यममार्ग में जीव को किन स्थानों पर विश्राम मिलता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार यममार्ग 'विश्रामरहित' है — पापी को कहीं रुकने नहीं दिया जाता। पुण्यात्मा और पिंडदान प्राप्त जीव को 16 पड़ावों पर कुछ राहत मिलती है। पापी के लिए यह निरंतर कष्टयात्रा है।

#यममार्ग#विश्राम#पुण्यकर्म
मंत्र जप नियम

अखंड जप में बीच में विश्राम ले सकते हैं या नहीं?

व्यक्तिगत: शौचालय/जल = मानस जप जारी (शरीर विश्राम)। सामूहिक: relay (पारी)। 'अखंड = ध्वनि निरंतर, व्यक्ति नहीं।' अखंड रामायण/कीर्तन = भक्त relay।

#अखंड#विश्राम#बीच
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