विस्तृत उत्तर
इस चौपाई का अर्थ है — इसका नाम 'रामचरितमानस' है, जिसके कानोंसे सुनते ही शान्ति (विश्राम) मिलती है।
आगे की चौपाई — 'मन करि बिषय अनल बन जरई। होइ सुखी जौं एहिं सर परई॥'
इसका अर्थ — मनरूपी हाथी विषयरूपी दावानल (जंगल की आग) में जल रहा है, वह यदि इस रामचरितमानसरूपी सरोवरमें आ पड़े तो सुखी हो जाय।
इसमें तुलसीदासजी ने रामचरितमानस की दो विशेषताएँ बताईं:
- 1श्रवण मात्र से विश्राम (शान्ति) मिलती है — यह ग्रन्थ सुनने वाले को तुरन्त मानसिक शान्ति प्रदान करता है
- 2यह सरोवर के समान है — जिसमें विषय-तापसे जलता हुआ मन डुबकी लगाकर शीतलता और सुख पाता है
इसीलिये रामचरितमानस को केवल ग्रन्थ नहीं, बल्कि 'मानस सरोवर' माना गया है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





