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विस्तृत उत्तर
यममार्ग की 16 मध्यवर्ती पुरियों में प्रत्येक नगर में आत्मा को आधा मुहूर्त विश्राम मिलता है। आधा मुहूर्त लगभग 24 मिनट का समय माना गया है। इस विश्राम के दौरान आत्मा पृथ्वी पर परिजनों द्वारा किए गए मासिक श्राद्ध का पिण्ड ग्रहण करती है और क्षणिक संतृप्ति अनुभव करती है। इसके बाद यमदूतों के तर्जन और प्रहार से उसका हृदय फिर काँपने लगता है और उसे अगले नगर की ओर बढ़ा दिया जाता है।
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