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यममार्ग प्रश्नोत्तरी — 103 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित यममार्ग विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 103 प्रश्न

लोक

वैतरणी नदी में श्राद्ध कैसे सहायक है?

श्राद्ध जीव की यमयात्रा में सहायक है।

वैतरणीश्राद्धयममार्ग
लोक

एकादशी श्राद्ध से यममार्ग में क्या लाभ है?

यममार्ग की बाधाएं कम होती हैं।

यममार्गएकादशी श्राद्धदान
लोक

यममार्ग में दान कैसे मदद करता है?

दान जीव की पारलौकिक यात्रा आसान करते हैं।

यममार्गदानगरुड़ पुराण
लोक

एकादशी श्राद्ध में जलपात्र दान क्यों?

यममार्ग में जल-सहायता के लिए।

जलपात्र दानयममार्गश्राद्ध
लोक

एकादशी श्राद्ध में छत्र दान क्यों?

यममार्ग में शीतलता के लिए।

छत्र दानयममार्गदान
लोक

एकादशी श्राद्ध में पादुका दान क्यों?

यममार्ग की कठिनाई कम करने के लिए।

पादुका दानयममार्गगरुड़ पुराण
लोक

एकादशी श्राद्ध में श्वान बलि क्यों?

यममार्ग के पथ-प्रदर्शक हेतु।

श्वान बलिकुत्तायममार्ग
लोक

गरुड़ पुराण में यममार्ग क्या है?

मृत्यु के बाद यमपुरी तक की कठिन यात्रा यममार्ग है।

गरुड़ पुराणयममार्गप्रेत यात्रा
लोक

यममार्ग की 16 पुरियां क्या संकेत करती हैं?

16 पुरियां मृतात्मा की 12 महीने की यममार्ग यात्रा के चरणों को दर्शाती हैं।

यममार्ग16 पुरियांगरुड़ पुराण
लोक

गरुड़ पुराण में मृत आत्मा की 12 महीने की यात्रा कैसे बताई गई है?

गरुड़ पुराण के अनुसार मृतात्मा 12 महीने तक यममार्ग में 16 पुरियां पार करती है और पिण्ड-श्राद्ध से बल पाती है।

गरुड़ पुराण12 महीने की यात्रायममार्ग
लोक

यममार्ग में पिंडदान न होने पर आत्मा को क्या कष्ट होता है?

पिंडदान न होने पर आत्मा भूख-प्यास से तड़पती है, विलाप करती है और अपने सांसारिक मोह पर पश्चाताप करती है।

पिंडदानयममार्गआत्मा कष्ट
लोक

विचित्रभवन में आत्मा का अनुभव कैसा होता है?

विचित्रभवन यममार्ग का एक नगर है, जहाँ राजा विचित्र है और आत्मा अपनी लंबी कर्म-यात्रा में आगे बढ़ती है।

विचित्रभवनयममार्गगरुड़ पुराण
लोक

सौरिपुर क्या है?

सौरिपुर यममार्ग का दूसरा नगर है, जहाँ यमराज का छोटा भाई सौरि शासन करता है और आत्मा द्वितीय मास का पिंड ग्रहण करती है।

सौरिपुरयममार्गयमराज
लोक

सौम्यपुर में आत्मा को क्या प्राप्त होता है?

सौम्यपुर में आत्मा को परिजनों द्वारा दिया गया प्रथम पिंड प्राप्त होता है और वह परिवार को याद कर रोती है।

सौम्यपुरयममार्गप्रथम पिंड
लोक

यममार्ग में श्राद्ध और पिंडदान का क्या महत्व है?

यममार्ग में पिंडदान आत्मा को नगरों में विश्राम और पोषण देता है; पिंडदान न होने पर आत्मा भूख-प्यास से तड़पती है।

श्राद्धपिंडदानयममार्ग
लोक

यममार्ग में जल और छाया क्यों नहीं मिलती?

यममार्ग पापी आत्मा की कर्म-शोधन यात्रा है, इसलिए वहाँ न छाया, न जल और न अन्न मिलता है।

यममार्गजलछाया
लोक

यममार्ग पापी आत्मा के लिए इतना कठिन क्यों होता है?

यममार्ग पापी आत्मा के लिए इसलिए कठिन है क्योंकि वहाँ तपती बालू, भूख-प्यास, अंधकार, हिंसक जीव और यमदूतों के कोड़े मिलते हैं।

यममार्गपापी आत्मायमदूत
लोक

आत्मा यमलोक तक कितने दिनों में पहुँचती है?

आत्मा यमलोक तक ३४८ दिनों में पहुँचती है और प्रतिदिन लगभग २००.५ योजन चलती है।

आत्मा यात्रायमलोक348 दिन
लोक

यमलोक तक की यात्रा कितनी लंबी है?

यमलोक तक की यात्रा ८६,००० योजन लंबी है और आत्मा इसे ३४८ दिनों में तय करती है।

यमलोक यात्रा86000 योजन348 दिन
लोक

यममार्ग क्या है?

यममार्ग मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक तक ८६,००० योजन लंबी कठिन यात्रा का मार्ग है।

यममार्गयमलोकगरुड़ पुराण
लोक

यमदूत आत्मा को दक्षिण दिशा में क्यों ले जाते हैं?

यमलोक ब्रह्मांड के दक्षिणी भाग में है, इसलिए यमदूत आत्मा को दक्षिण दिशा के यममार्ग से ले जाते हैं।

यमदूतदक्षिण दिशायममार्ग
लोक

यमलोक पृथ्वी से कितनी दूरी पर है?

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्युलोक से यमलोक की दूरी ८६,००० योजन, लगभग ६,८८,००० मील है।

यमलोक दूरी86000 योजनगरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के बाद 348 दिन की यमयात्रा कब शुरू होती है?

348 दिन की यमयात्रा तेरहवें दिन सपिण्डीकरण के बाद शुरू होती है।

348 दिनयमयात्रातेरहवाँ दिन
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

13 दिन की प्रक्रिया आत्मा को यमराज के दरबार तक कैसे पहुँचाती है?

13 दिन की प्रक्रिया पिण्डज शरीर, तृप्ति और सपिण्डीकरण के बाद आत्मा को यममार्ग पर भेजती है।

13 दिन प्रक्रियायमराज दरबारयममार्ग

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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