📖
विस्तृत उत्तर
सौरिपुर यममार्ग के १६ नगरों में दूसरा नगर है। गरुड़ पुराण के अनुसार, जब आत्मा दूसरे मास में सौरिपुर पहुँचती है, तो वह द्वितीय मास का पिंड ग्रहण करती है। सौरिपुर में यमराज का छोटा भाई सौरि शासन करता है। आत्मा यमलोक की ८६,००० योजन लंबी यात्रा में क्रमशः इन नगरों से गुजरती है और परिजनों द्वारा किए गए श्राद्ध-पिंडदान से उसे यात्रा में सहायता मिलती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?




