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विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार आत्मा यमलोक तक ३४८ दिनों में पहुँचती है। यममार्ग की कुल दूरी ८६,००० योजन है और आत्मा प्रतिदिन लगभग २००.५ योजन की दूरी वायु के वेग से बलपूर्वक तय करती है। इस लंबी यात्रा के दौरान आत्मा को १६ विभिन्न नगरों से होकर गुजरना पड़ता है। मार्ग अत्यंत दुर्गम, अंधकारमय और भयंकर है, जहाँ पापी आत्मा को भूख, प्यास, तपती बालू, भयंकर श्वान, भेड़ियों, कौवों और यमदूतों की तर्जना का कष्ट सहना पड़ता है।
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