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आत्मा यात्रा से जुड़े सभी प्रश्न(14)

आत्मा यात्रा पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 14 प्रश्न उपलब्ध हैं।

पौराणिक ज्ञान

गरुड़ पुराण में यमलोक यात्रा का विवरण?

मृत्यु→यमदूत→सूक्ष्म शरीर→86,000 योजन कठिन मार्ग→वैतरणी नदी (गो-दान से पार)→यमराज दरबार→चित्रगुप्त कर्म लेखा→स्वर्ग/नर्क/पुनर्जन्म। 10 दिन यात्रा = दशगात्र अनुष्ठान।

#गरुड़ पुराण#यमलोक#आत्मा यात्रा
श्राद्ध दर्शन

सपिण्डीकरण के बाद आत्मा कहाँ जाती है?

सपिण्डीकरण के बाद जीवात्मा प्रेत कोटि से पितृ कोटि में सम्मिलित होकर पितृलोक की यात्रा आरंभ करती है और श्राद्ध का अधिकार प्राप्त करती है। इससे पहले आत्मा प्रेत रूप में भटकती है। गरुड़ पुराण का दर्शन।

#सपिण्डीकरण#पितृलोक#आत्मा यात्रा
लोक

तीन पीढ़ियों का नियम आत्मा की यात्रा को कैसे दिखाता है?

तीन पीढ़ियाँ आत्मा की वसु स्थूलता से रुद्र सूक्ष्मता और आदित्य प्रकाशमय अवस्था तक की यात्रा दिखाती हैं।

#तीन पीढ़ी#आत्मा यात्रा#वसु
लोक

विचित्रभवन में आत्मा का अनुभव कैसा होता है?

विचित्रभवन यममार्ग का एक नगर है, जहाँ राजा विचित्र है और आत्मा अपनी लंबी कर्म-यात्रा में आगे बढ़ती है।

#विचित्रभवन#यममार्ग#गरुड़ पुराण
लोक

सौम्यपुर में आत्मा को क्या प्राप्त होता है?

सौम्यपुर में आत्मा को परिजनों द्वारा दिया गया प्रथम पिंड प्राप्त होता है और वह परिवार को याद कर रोती है।

#सौम्यपुर#यममार्ग#प्रथम पिंड
लोक

यममार्ग में श्राद्ध और पिंडदान का क्या महत्व है?

यममार्ग में पिंडदान आत्मा को नगरों में विश्राम और पोषण देता है; पिंडदान न होने पर आत्मा भूख-प्यास से तड़पती है।

#श्राद्ध#पिंडदान#यममार्ग
लोक

आत्मा यमलोक तक कितने दिनों में पहुँचती है?

आत्मा यमलोक तक ३४८ दिनों में पहुँचती है और प्रतिदिन लगभग २००.५ योजन चलती है।

#आत्मा यात्रा#यमलोक#348 दिन
लोक

यममार्ग क्या है?

यममार्ग मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक तक ८६,००० योजन लंबी कठिन यात्रा का मार्ग है।

#यममार्ग#यमलोक#गरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

पाप और पुण्य आत्मा की यात्रा को कैसे बदलते हैं?

पुण्य आत्मा को स्वर्ग या उच्च लोकों की ओर ले जाता है, पाप आत्मा को दक्षिण द्वार, यातना देह और नरक की ओर ले जाता है।

#पाप#पुण्य#आत्मा यात्रा
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मरणोपरांत आत्मा की यात्रा में कर्मों की भूमिका क्या है?

कर्म आत्मा की गति तय करते हैं; यमराज चित्रगुप्त के कर्म-लेख के आधार पर स्वर्ग, उच्च लोक या नरक का निर्णय करते हैं।

#कर्म#आत्मा यात्रा#यमराज
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

अन्त्येष्टि आत्मा की यात्रा में कैसे मदद करती है?

अन्त्येष्टि आत्मा की शांति, पिण्डज शरीर निर्माण, प्रेतत्व निवारण और सद्गति में मदद करती है।

#अन्त्येष्टि#आत्मा यात्रा#पिण्डदान
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

आत्मा प्रतिदिन कितने योजन चलती है?

आत्मा प्रतिदिन 247 योजन या कुछ पाठभेदों के अनुसार 200.5 योजन चलती है।

#आत्मा यात्रा#प्रतिदिन योजन#यममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यममार्ग क्या होता है?

यममार्ग पृथ्वी से यमलोक तक की 86,000 योजन लंबी कठोर यात्रा का मार्ग है।

#यममार्ग#यमलोक#मृत्युलोक
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

गोदान आत्मा की यात्रा में कैसे मदद करता है?

गोदान आत्मा को वैतरणी नदी पार करने के लिए नौका दिलाता है।

#गोदान#आत्मा यात्रा#वैतरणी
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